चंदौली। कुछ दिन पहले एसटीएफ ने जिस दुर्लभ वन्य प्राणी बैंगोलिन के साथ 10 तस्करों को गिरफ्तार किया था वह चंदौली के पर्वतांचल में दिखा है। पहले भी यहां पर दुर्लभ प्रजाति के जीव जंतु दिखते रहे हैं। काशी वन्य जीव प्रभाग रेंज में पड़ने वाले भैसोड़ा गांव (नौगढ) में दुर्लभ प्रजाति का जीव पैंगोलिन जिसे स्थानीय लोग सल्लू सांप भी कहते हैं दिखाई दिया तो ग्रामीणों में दहशत फैल गई। तस्करों के लिए भले ही यह ऊंची कीमत दिलाने वाला हो लेकिन वन कर्मियों ने इसे रूटीन के तौर पर दूसरे प्राणियों की तरह चंद्रप्रभा में छोड़ दिया।

पहाड़ी क्षेत्रों में ही मिलता है

क्षेत्रीय वन अधिकारी जीएस श्रीवास्तव के मुताबिक फेलिडोरा गण का स्तनधारी जिसका शरीर केराटिन के बने शल्क की संरचना होती है अमूमन भारत के अलावा श्रीलंका, नेपाल और भूटान के पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है। चीन में इसकी खाल से शक्तिवर्धक दवाएं व ड्रग्स के अलावा बुलेट प्रूफ जैकेट बनाए जाते हैं। यह दुर्लभ जानवर दीमक और चीटियों को अपना निवाला बनाता है। वन कर्मियों ने बताया कि इसे कहट या जबरकिट या सल्लू सांप के नाम से पुकारा जाता है।

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