शहादत’ में दिखा राजनैतिक ‘नफा-नुकसान’! जहां प्रदेश सरकार के मंत्री ने की घोषणाएं तमाम वहीं अपने गांव से दूर रहे सपा विधायक

गाजीपुर। देशभक्ति का जज्बा जनपद में देखने को मिलता है। देश की कोई फोर्स हो लेकिन वहां गाजीपुर के जवान जरूर मिलते हैं। किसी बड़ी घटना के बाद शहादत देने वालों में भी जिले के जवान होते हैं। अमूमन शहीद का पार्थिव शरीर जब घर पहुंचता है तो राजनैतिक प्रतिबद्धता तोड़कर सभी वहां पहुंचते हैं लेकिन अनंतनाग के आतंकी हमले में जान गंवाने वाले जैतपुरा गांव में कुछ अलग ही देखने को मिला। यहां के रहने वाले महेश कुमार कुशवाहा का पार्थिव शरीर लेकर खुद प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री डा. नीलकंठ तिवारी पहुंचे थे। प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री के अलावा डीएमएसपी समेत आला अधिकारी पहुंचे शहीद के गांव पहुंचे थे जहां जुटे हजारों लोगों के संग उन्होंने भी श्रद्धांजलि दी। अलवत्ता इसी गांव के रहने वाले जंगीपुर के सपा विधायक विरेन्द्र यादव और नव निर्वाचित सांसद अफजाल अंसारी की गैरमौजूदगी लोगों को खासी अखरी।

25 लाख का चेक सौंपकर की अन्य घोषणाएं

प्रदेश सरकार के मंत्री डॉक्टर नीलकंठ तिवारी ने शहीद के परिजनों को राज्य सरकार की तरफ से 25 लाख रुपए का चेक सौंपने के साथ घोषणा की परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जायेगी। इसके अलावा गांव की एक सड़क शहीद के नाम होगी। यही नहीं जैतपुरा गांव में शहीद महेश कुशवाहा का स्मारक बनेगा और शहीद के नाम पर पार्क भी बनाया जायेगा। राज्यमंत्री एयरपोर्ट से ही सेना के अधिकारियों के संग शव लेकर पहुंचे थे। भोर में अंतिम विदाई तक वह परिजनों के साथ रहे और उनकी सभी मांगों को पूरा करते हुए राज्य सरकार की तरफ हर मदद का भरोसा दिलाया। इसी गांव के रहने वाले सपा विधायक ने मामला तूल पकड़ता देख अपनी तरफ से सोशल मीडिया पर शोक संवेदना व्यक्त की। अलबत्ता पार्टी की तरफ से कोई बड़ा नेता नहीं दिखा।

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