चंदौली। रेलवे स्क्रैब में कमीशन खोरी और गुंडा टैक्स न देने पर कांट्रेक्टर कम्पनी के मैनेजर सपन डे हत्या का मुख्य आरोपी 25 हजारा इनामी राकेश सिंह डब्बू को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया। बावजूद इसके पुलिस के प्रेस नोट में इनामी के प्रति सहानभूति झलकती दिखी। कार्यदायी संस्था के मैनेजर सपन डे की हत्या के बाद से आरोपी राकेश उर्फ डब्बू सिंह को राजनैतिक संरक्षण को लेकर खासा विवाद रहा है। आरोपों के घेरे में आयी स्थानीय विधायक साधना सिंह ने ठीकरा पूर्व सांसद रामकिशुन यादव पर फोड़ा था लेकिन पुलिस की कार्रवाई कुछ अलग ही कहानी कह रही है। बहरहाल राकेश उर्फ डब्बू सिंह का एक दशक पुराना अपराधिक इतिहास है। भाजपा के बड़े नेताओं के संग होर्डिंग में दिखने के पहले भी पुलिस उसके खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई कर चुकी है।

तीन सप्ताह पहले हुई थी सनसनीखेज वारदात

गौरतलब है कि मुगलसराय क्षेत्र के रेलवे डाउन यार्ड में सपन डे को फिल्मी तरीके से बदमाशों ने गोलियों से छलनी कर दिया था। इस मामले ने तूल उस सम. पकड़ा जब स्थानीय विधायक पर आरोपितों को संरक्षण देने का आरोप लगा। पुलिस ने 6 लोगो को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन हत्या के बाद से मुख्य आरोपित राकेश उर्फ डब्लू फररा चल रहा था। पुलिस के प्रेस नोट के मुताबिक राकेश ने ठेका लेने के लिए डेढ़ साल पहले आलोक बोहरा से सम्पर्क किया था। इसके बाद उसे सपन डे से मिलने को कहा गया था। सपन डे ने काम तो नहीं दिया बल्कि ललकारा कि तुम्हारे जासे बहुत देखे हैं। इस पर सपन के हत्या की योजना तैयार की गयी।

भाजपा के नेताओं का करीबी रहा आरोपित!

मूल रूप से कैमूर (बिहार) के दुर्गावती निवासी राकेश सिंह डब्लू के होर्डिंग सिर्फ स्थानीय विधायक ही नहीं बल्कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समेत दूसरे चर्चित नेताओं और विधायकों के साथ देखे जाते रहे हैं। क्राइम ब्रांच और मुगलसराय पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी कर केस को क्लोज कर लिया लेकिन उनका प्रेस नोट बताने के लिए पर्याप्त है कि किन ‘हालात’ में निजी कंपनी के मैनेजर की हत्या की गयी। खास यह कि गुडवर्क का क्रेडिल लेने को एसपी नहीं दिखे ब्िल्क एएसपी और सीओ चंदौली ही सामने आये।

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