मीरजापुर। व्यापारिक लेन-देन के मामले में बगैर किसी लिखापढ़ी व्यापारी बुधवार को उस समय उठा लिया जाता है जब वह बेटे के संग दुकान जा रहा था। मड़िहान थाने में लाकर उस पर दबाव बनाया गया कि बकाये के साथ एक लाख रुपये दरोगाजी को दे अन्यथा चालान कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया जायेगा। आरोप है कि पुलिसिया उत्पीड़न से तंग आकर व्यापारी ने दरोगा के सामने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर वर्दीधारियों के हाथ-पांव फूलने लगे। आनन-फानन में व्यापारी सीएचसी मड़िहान में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। भर्ती कराने के बाद दरोगा पिछले दरवाजे से भाग निकला। मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर पुलिसअधीक्षक अजय सिंह ने मड़िहान अस्पताल में व्यापारी व परिजनों से बातचीत कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

क्राइम ब्रांच के दरोगा ने ली थी वसूली की ‘सुपारी’

बताया जाता है कि मीरजापुर निवासी एक बर्तन व्यापारी चार साल पहले सुल्तानपुर से बर्तन खरीदा था। व्यापारी ने बर्तन का पैसा चुकता नहीं किया था जिस पर सुल्तानपुर निवासी पैसा वसूलने के लिए जुगाड़ लगाया। आरोप है कि क्राइम ब्रांच के दरोगा जेएन सिंह यादव ने पैसा दिलाने का ठेका ले लिया। वह सिपाहियों के संग व्यापारी के घर पहुंचे जहां पता चला कि व्यापारी मड़िहान में दुकान किये है। दरोगा सुल्तानपुर निवासी व्यपारी के साथ मड़िहान पहुंच गया। संयोग से मड़िहान थाना प्रभारी इस्पेक्टर केके सिंह क्षेत्र के दाती गांव में घटी एक घटना के सिलसिले में गये थे। क्राइम ब्रांच दरोगा निर्देश पर सिपाही श्यामलाल सेठ को थाने के सामने दुकान से बुलाकर अंदर ले गया। व्यापारी घनश्याम केसरी ने बताया कि बकाया पैसे के संग एक लाख अतिरिक्त मांग किया। इतना पैसा देने से असमर्थता जताने पर दरोगा के साथ दो तीन सिपाहियों द्वारा व्यापारी को तरह तरह की धमकी दी जाने लगी। पुलिस जब तक कुछ समझ पाती तब तक व्यापारी जेब से पुड़िया निकाल कर मुह में डाल लिया। बेहोशी की हालत देख पुलिस को जैसे सांप सूंघ गया हो। बावजूद इसके पुलिस ने बुद्धिमानी का परिचय देते हुए मुंह से जहर निकलवा कर साफ कराया। हालत गभीर होते देख उसे इलाज के लिए तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान ले गए।

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