‘छेड़खानी’ के आरोपित प्रोफेसर की ‘वापसी’ पर छात्र-छात्राओं का जबरदस्त प्रदर्शन, संख्या बल के आगे पुलिस-प्रशासन लाचार

वाराणसी। कुछ दिनों की खामोशी के बाद एक बार फिर से बीएचयू सुलगने लगा है। सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं शनिवार की देर शाम सिंह द्वार को बंदकरा धरने पर बैठ गये हैं। दरअसल बीएचयू के छेड़खानी केआरोपित प्रोफेसर एसके चौबे को बीएचयू प्रशासन द्वारा अवकाशपर भेजा था लेकिन उनको को वापस बुला लिए जाने से छात्राओं में रोष व्याप्त हो गया है। छात्राएं विश्वविद्यालय प्रशासन पर दोहरे रवैया अपना ने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन कर रही हैं।

संगीन आरोप की जांच में हुई थी पुष्टि!

छात्राओं के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गई है। प्रदर्शन कर रहे छात्र व छात्राओं का आरोप है कि छेड़छाड़ को लेकर विश्वविद्यालय के जंतु विभाग के प्रोफेसर एसके चौबे को दोषी पाते हुए बीएचयू ने जबरन छुट्टी पर भेज दिया था। इसके लिए जांच समिति गठित हुई थी जिसकी रिपोर्ट में भी आरोपो की पुष्टि हुई थी। बावजूद इसके बीएचयू कैंपस में एक बार फिर से प्रोफेसर चौबे की वापसी करायी गयी है। इसको लेकर छात्राओं में रोष उत्पन्न हो गया। बताया जाता है कि अक्टूबर 2018 में बीएचयू के विज्ञान विभाग के बीएससी के पांचवें सेमेस्टर के छात्र छात्राओं ने कुलपति को पत्र लिखकर प्रो.चौबे पर एक शैक्षणिक यात्रा के दौरान छात्राओं के साथ छेड़ छाड़ का आरोप लगाकर कार्यवाही की मांग की थी।

सोशल मीडिया में सुबह से गरमा रहा था मामला

गौरतलब है कि प्रोफसर की वापसी को लेकर सोशल मीडिया पर शनिवार की सुबह से ही गर्मागर्म बहल चल रही थी। आरोप तो यहां तक थे प्रोफेसर अपने क्लास में छात्राओं की शारीरिक बनावट पर अभद्र टिप्पणी से लेकर दूसरी गलत बाते उदाहरण देते हुए करते रहते थे। इसको लेकर कुलपति ने प्रोफेसर चौबे को दोषी पाते हुए लंबी छुट्टी पर भेज दिया था, लेकिन एक बार फिर से विश्वविद्यालय प्रबंधन ने प्रोफेसर एसके चौबे को वापस बुला लेने के कारण छात्रों में रोष देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझा कर शांतकरा ने की कोशिश हो रही थी लेकिन वह मानने को राजी नहींथे। 

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