वाराणसी। बहुचर्चित दालमंडी बेसमेंट मामले में पुलिस-प्रशासन को झटका लगा है। अपर सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) जितेन्द्र पाण्डेय की अदालत ने इस मामले गिरफ्तार आरोपित शाहिद अली उर्फ थुन्नी व मोहम्मद लईक अहमद की जमानत बुधवार को मंजूर कर ली। अदालत ने दोनों आरोपियों को 40-40 हजार रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की तरफ से अधिवक्ता अनुज यादव, बिपिन शर्मा व सेंट्रल बार के महामंत्री संजय सिंह दाढ़ी ने पक्ष रखा। कोर्ट से परवाना रवाना होने के बाद देर शाम दोनों को जेल से मुक्ति मिल गयी।

गौरतलह है कि वाराणसी विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता अतुल मिश्रा ने चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। आरोप था कि 17 जनवरी 2018 को वह अपने सहयोगियों के साथ चौक थाना क्षेत्र के बेनियाबाग में स्थित बंशीधर कटरा में हो रहे अवैध निर्माण की जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे और अवैध निर्माण को सील करने की कार्यवाही शुरू किया। उसी दौरान आरोपीगण शाहिद अली उर्फ सुन्नी व मोहम्मद लईक अहमद ने अपने साथियों के साथ मिलकर परिसर को सील करने में बाधा उत्पन्न किया। बाद में चौक पुलिस के सहयोग से परिसर को सील किया गया। वहीं यह भी आरोप था कि आरोपियों द्वारा सरकारी आदेश की अवहेलना करते हुए पूर्व में हुए सील को तोड़कर चोरी-छिपे ऊपर से नीचे की तरफ निर्माण किया जा रहा था। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत का आधार पाते हुए रिहा करने के आदेश दिये।

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