पीएम का संसदीय क्षेत्र होने के चलते दुनिया भर की रहेगी निगाह, व्यय प्रेक्षक ने सर्विलांस, लेखा व एमसीएमसी टीमों को दिये सुझाव

वाराणसी। पीएम मोदी का संसदीय निर्वाचन क्षेत्र होने के यह क्षेत्र विशेष संवेदनशील हो जाता है। देश विदेश की मीडिया हर छोटे-बड़े पहलू को टेक अप कर हाईलाइट करती है। चुनाव के दौरान हर तरह के मुद्दे उठते हैं। वाद विवाद के साथ ग्रीवांस होते हैं। इन सबके दृष्टिगत यहां दायित्व बढ़ जाता है। लोकसभा प्रत्याशी द्वारा चुनाव में 70 लाख रुपए व्यय का प्रावधान है। चुनाव का अलग बैंक खाता होगा। प्रत्याशी के व्यय व आमदनी का संचालन खाते से होगा। इसके तहत 10 हजार रुपये से अधिक का व्यय चेक पेई व अकाउंट पेई होगा। कोई व्यक्ति 50 हजार रुपए से अधिक कैश लेकर चलना पाया जाता है तो वह सीज होगा और अग्रिम कार्यवाही होगी। सर्विलांस टीमें कार्यवाही की वीडियो/फोटोग्राफी कराए। व्यय प्रेक्षक ने विभिन्न टीमों से उनके कार्यों के बारे में पूछताछ कर उनसे सुझाव भी पूछे। उन्होंने कहा कि पूर्णत: स्वतंत्र व निष्पक्ष कार्यवाही करें।

आयोग के दिशा निर्देशों का करें अनुपालन

व्यय प्रेक्षक ने स्पष्ट किया कि वोटरों को प्रलोभन या अवैध रूप से प्रभावित करने वाले कार्य जैसे पैसा बांटना, किसी प्रकार का सामान बांटना आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आएगा। इस पर पैनी नजर रखें। हर कार्य के लिए निर्वाचन आयोग के स्पष्ट दिशा निर्देश है। उनका पालन प्रत्येक दशा में सुनिश्चित किया जाए। लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के व्यय प्रेक्षक रवि कांत गुप्ता ने बुधवार को आयुक्त सभागार में लेखा पर्यवेक्षण से संबंधित विभिन्न टीमों यथा- व्यय लेखा टीम, वीडियो सर्विलांस, वीडियो वीविंग, चलाइग सर्विलांस, स्टेटिक सर्विलांस टीमो, सहायक व्यय प्रेक्षको के साथ बैठक कर निर्वाचन आयोग के दिशा निदेर्शों की जानकारी देते हुए स्वतंत्र व निष्पक्ष रुप से कार्यो को संपादित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एडीएम फाइनेंस सतीश पाल, मुख्य कोषाधिकारी शिवराम सहित विभिन्न टीमों के प्रतिनिधि गण उपस्थित रहे।

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