वाराणसी। चौबेपुर पुलिस ने फर्जी कागजात तैयार करने वाले ऐसे गिरोह को दबोचा है जो मिनटों में किसी तरह का फर्जी कागजात तैयार कर देता था। अंतरराज्यीय गिरोह के तार नागालैंड़ से दिल्ली तक फैले थे। खनन, ट्रांसपोर्ट से लेकर मार्कशीट और टीसी ऐसी तैयार होती थी कि देखने से कोई कह ही नहीं सकता था कि यह फर्जी है। इसके एवज में कीमत मुंहमांगी लेता था लेकिन यह इतनी नहीं होती थी कि कोई इनकार कर सके। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बुधवार को गिरफ्तार श्रीनाथ चौरसिया को बुधवार को मीडिया के सामने पेश करते हुए बताया कि उसके पास से विभिन्न राज्यों के अधिकारियों की फर्जी मुहर, दस्तावेज आदि बरामद हुए है। डीएल सादा नहीं बल्कि कम्प्यूटराइज्ड होता था जिसे देख कर पुलिस वाले भी चकमा खा जाते थे।

सरगना की हो रही है तलाश

एसपीआरए के मुताबिक पुलिस को लगातार इस बात की शिकायत मिल रही थी कि कुछ जालसाज पैसे लेकर लोगों को फर्जी दस्तावेज थमा दे रहे हैं। एसओ चौबेपुर ओम नारायन सिंह को इसका टास्क सौंपा गया। सटीक सूचना पर बलुआ मार्गपर चेकिंग शुरू की गयी। इस दौरान दो संदिग्ध आते दिखे। एक को तो पुलिस ने दौड़ा कर पकड़ लिया लेकिन दूसरा बाइक से कूद कर भागने में सफल रहा। पकड़ा गया श्रीनाथ चौरसिया इसी थाना क्षेत्र के दनियालपुर गांव का निवासी है जबकि भागने वाला गिरोह का सरगना बल्ली लालपुर (कैंट) का रहने वाला है। श्रीनाथ के पास से पास से चार फर्जी डीएल, बिहार के कई जिलों को फर्जी ट्रासपोर्ट पेपर, मुहर, फर्जी इंश्यारेंस का कागज, मोबाइल व बाइक बरामद की गयी है। इससे पहल ेभी सारनाथ पुलिस उसे फर्जीवाड़े के मामले में पकड़ चुकी है और जेल से छूटने के बाद फिर से वह जालसाजी के धंधे में संलिप्त हो गया।

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