सोनभद्र। पहली बार सूबे में खनन व्यवसाय को लेकर हाई प्रोफाइल मर्डर के तार बिहार, झारखण्ड और पश्चिम बंगाल तक फैसे हैं। पुलिस के मुताबिक हत्या की साजिश कोलकाता ने ही रचा गया है था और वही पैसे की लेनदेन हुई थी। धर्मेन्द्र ने बाकायदा एकाउंट से निकाल कर पेशगी दी थी। पुलिस ने इस मामले में शमिल 13 अभियुक्तों में से 8 पर 25 हजार-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इनमे से 4 इनामी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। इस तरह से पुलिस ने हत्या ने शामिल 13 अभियुक्तों में से 6 को गिरफ्तार किए है। खास यह कि हत्या का ताना-बाना रचने वाले राकेश जायसवाल निवासी बिल्ली मारकुंडी ओबरा और रवि जालान निवासी रावर्ट्सगंज भले ही फरार हैं लेकिन दोनों पर पुलिस की तरफ से कोई इनाम घोषित नही किया है। बहरहाल एसपी का दावा है कि सभी के खिलाफ रासुका के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।

दूसरे गुट से इम्तियाज का जुड़ाव तो सबब नहीं

सूत्रों की माने तो राकेश और रवि जिस सिंडिकेट से जुड़े हैं इम्तियाज की उसके विरोध गुट से नजदीकी थी। पिछले एक माह से पंचायत का सिलसिला जारी था। दबाब बनाने के सभी प्रयास किये गये लेकिन इम्तियाज को राजी न होते देख रास्ते से हटाने का फैसला लिया गया। जिस गुट से जुड़ाव था उसका झारखंड में खासा असर था जिसके चलते वहां से शूटर और असलहों का इंतजाम हो गया।

महानगरों में ली है शरण

पुलिस को अब तक की जांच में पता चला है कि साजिश रचने वाले नामजदगी के बाद से फरार हैं लेकिन उन्होंने महानगरों में शरण ले रखी है। लोकेशन इतनी तेजी से बदलती जा रही है कि जब तक एक ठिकाने का पता चलता दूसरे तक जा चुके होते हैं। यही नहीं राजनैतिक संरक्षण होने के नाते पुलिस फूंक-फूंक कर पांव रख रही है। मजिस्ट्रेटी जांच इसकी की एक कड़ी थी।

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