गाजीपुर। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्वास्थ्य व्यवस्था के मुद्दे पर सोई हुई सरकार को जगाने के लिए लोगों ने आंदोलन छेड़ दिया है।  सीएम के आगमन के पहले समग्र इंडिया के बैनर तले आंदोलनकारियों ने योगी के नाम खून से एक पत्र लिखा। पत्र में जिला अस्पताल की बदहाली का जिक्र किया गया है। आंदोलनकारियों ने सीएम से सवाल करते हुए पूछा है कि गाजीपुर आगमन पर बीजेपी की क्या उपलब्धी गिनाएंगे ?आंदोलनकारियों से इस खत को पीएम मोदी को भी ट्वीट किया है।

310

अस्पताल में है डॉक्टरों का टोटा

दरअसल जिला अस्पताल में इन दिनों डॉक्टरों का टोटा है। आलम ये है कि पूरे अस्पताल में एक भी सर्जन नहीं है। महिला अस्पताल का हाल भी कुछ ऐसा ही है। यहां भी महिला डॉक्टरों की कमी है। पुरूष डॉक्टर महिलाओं का इलाज करा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों अत्यधिक कार्य की वजह से जिला अस्पताल के एकमात्र सर्जन ने भी इस्तीफा दे दिया। डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए लगातार आंदोलन जारी है, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। जबकि केंद्रीय रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा इसी जिले से सांसद हैं। इसके अलावा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय का गृहजनपद है।

311

सीएमएस ने खड़े किए हाथ

लगभग चालीस लाख की आबादी वाले जिले का एक बड़ा तबका इलाज के लिए जिला अस्पताल पर निर्भर है। एक अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन 700-800 मरीज अस्पताल में पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी के चलते अधिकांश को निराशा हाथ लगती है। गंभीर रोग के लिए मरीजों को वाराणसी रेफर कर दिया जाता है। जो डॉक्टर बचे हैं उन्हें भी कभी वीआईपी ड्यूटी तो कभी पोस्टमार्टम ड्यूटी में लगना पड़ता है। अब तक सीएमएस ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। समाजसेवी ब्रजभूषण दुबे के मुताबिक अस्पताल की बदहाली के बाबत सीएमएस को कई बार पत्र लिखा गया लेकिन हर बार उनका जवाब निराश करने वाला आता है।

admin

No Comments

Leave a Comment