वाराणसी। डीजीपी के काशी प्रवास के समय पुलिस की किरकिरी कराने वाली वारदात के मुख्य आरोपी उमंग उर्फ श्रेयस पांडेय उर्फ पंडितजी ने गुरुवार को अदालत में समर्पण कर दिया। आरोपी कोतवाली थाना में दर्ज एक दूसरे मामले में एसीजेएम (द्वितीय) की अदालत में अपनी जमानत तुड़वाकर जेल चला गया। उधर आरोपी के अदालत में समर्पण करने की भनक मिलते ही पुलिस कचहरी पहुंची, लेकिन आरोपी तब तक न्यायिक अभिरक्षा में जा चुका था। खास यह कि इससे पहले गुरुवार को ही आरोपी उमंग उर्फ श्रेयस पांडेय और अमरनाथ यादव उर्फ बाले के समर्पण के लिए सीजेएम कोर्ट में भी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। प्रार्थना पत्र में आरोपी की ओर से यह कहा गया है कि जैतपुरा में हुए हत्याकांड में परेशान करने की नीयत से उसे आरोपी बना दिया गया है। इस मामले में थाने से आख्या मंगाने की अपील की गई। साथ ही वांछित होने पर वह समर्पण करने को तैयार है। अदालत ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए सात मई तक जैतपुरा पुलिस को रिपोर्ट देने का आदेश दिया।

मारपीट के मामले में तुड़वायी जमानत

हरतीरथ पोखरा (कोतवाली) पर दो माह पूर्व एक मार्च को मारपीट, गाली-गलौज व धमकी देने का आरोप लगाते हुए बाबू यादव ने औसानगंज निवासी अमरनाथ यादव व उमंग पांडेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में उमंग ने 13 अप्रैल 2018 को आत्मसमर्पण कर अपनी जमानत कराया था। इस दौरान उसकी जमानत चंदौली जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के मधुपुर गांव निवासी शंकर और वासूपुर गांव निवासी गिरीश ने उसकी जमानत ली थी। गुरुवार को आरोपी उमंग को लेकर जमानतदार शंकर एसीजेएम (द्वितीय) की अदालत में हाजिर हुआ और अधिवक्ता अजय कुमार गेठे के जरिए अपनी जमानत वापस लेने की अपील की। अदालत ने जमानतदार को मुक्त करते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।

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