पाकिस्तान की सीमा थी अंतिम ‘लोकेशन’, फरार आतंकियों की सूची में फिर से चर्चा में आया सरायमीर

आजमगढ़। लंबे समय के बाद एक बार फिर जनपद का नाम चर्चा में आ गया है। लगभग एक दशक पूर्व हुए दिल्ली के बहुचर्चित ‘बटला हाउस’ कांड पर फिल्म रिलीज होने वाली तो दूसरी तरफ केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने जिन आतंकियों की सूची जारी की है उसमें सरायमीर के संजरपुर और आसपास के रहने वाले आधा दर्जन ‘आतंकियों’ के नाम शामिल हैं। खुफिया सूत्रों की माने तो इन फरार आतंकियों की जो अंतिम लोकेशन मिली थी वह पाकिस्तान सीमा के पास की थी। पाकिस्तानी पासपोर्ट के जरिये काठमांडू से वाया अफगानिस्तान जाने तक के संकेत एनआईए की जांच में मिले थे लेकिन उसके बाद से कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से लेकर इस्लामिक स्टेट तक से जुड़े होने की चर्चा तो रही लेकिन पुष्टि नहीं हो सकी।

कई मामलों में नाम, लाखों का इनाम

गौरतलब है कि एनआईए के सूची में जिन आतंकियों की लंबे समय से तलाश चल रही हैै उसमें जिले के शहनवाज उर्फ डाक्टर, बड़ा साजिद, शादाब, मोहम्मद खालिद, मिर्जा एहतेशाम बेग तथा राशिद आदि शामिल हैं। नई दिल्ली में हुए बाटला हाउस एनकाउंटर के पहले तक इनके बारे में किसी को जानकारी तक नहीं थी कि सभी इंडियन मुजाहिदीन से जुड़ चुके हैं। घरवाले समझते थे कि दिल्ली समेत दूसरे स्थानों पर रह कर उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। फरार के बाद देश के कई प्रांतों में हुए आतंकी ब्लास्ट में इनकी संलिप्तता सामने आ चुकी है। इन प्रदेशों की पुलिस के अलावा एनआईए की तरफ से भी 10 से 15 लाख का पुरस्कार इन पर घोषित है। हैं।

अलर्ट के बाद बढ़ी खुफिया एजेंसियों की निगरानी

प्रदेश में आतंकियों पर नजर रखने वाली एंटी टेररिस्ट फोर्स ने काफी समय तक इनकी गतिविधियों पर ध्यान नहीं दिया था लेकिन सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद एक बार फिर से सक्रियता बढ़ी है। बटला हाउस के बाद भी केन्द्र की सत्ता पर काबिज कांग्रेस ने ‘भगवा आतंंकवाद’ की थ्योरी को आगे बढ़ाया था जिससे केन्द्र की तरफ से भी अनदेखी हुई। देश में इन दिनों चल रहे माहौल और आतंकी वारदात की आशंका को ध्यान में रखते हुए एक बार फिर से खुफिया एजेंसियों की निगरानी बढ़ी है। कई संदिग्धों की गतिविधियां निगरानी के दा.रे में हैं तो कई नंबरों पर भी नजर रखी जा रही है।

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