महराजगंज। पाकिस्तान में प्रशिक्षण लेकर भारत में तबाही मचाने की मंशा पाले आतंकियों के निशाने पर एक बार फिर सोनौली सीमा आ गई है। हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी नसीर अहमद वानी के पकड़े जाने के बाद इंडो-नेपाल सीमा से आतंकियों को भारत भेंजने के लिए आईएसआई के एजेंट पूरी ताकत लगाए हुए हैं। हाल के दिनों में पूरब के इस बार्डर पर पाकिस्तानियों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। सोनौली सीमा से पर्यटकों की आड़ में आतंकी भी भारत में प्रवेश की फिराक में हैं। पिछले माह नेपाल के लुंबिनी से लापता पाकिस्तान के पूर्व कर्नल मो. हबीब का माहभर बाद भी कुछ सुराग न लगना सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर माना जा रहा है। आतंकी नसीर के साथ दुबई से काठमांडु आया पंपोर, जिला पुलवामा निवासी सलीम व जिला कुपवाड़ा जम्मू-कश्मीर निवासी राशिद अब भी नेपाल में छिपे हैं। इनके द्वारा भारत आने के लिए मौके की तलाश की जा रही है।
1751 किमी लंबी भारत-नेपाल की खुली सीमा से प्रवेश करते हैं आतंकी
एसपी आरपी सिंह के मुताबिक हाल में आतंकियों के पकड़े जाने के बाद भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। एसएसबी के साथ समन्वय स्थापित कर पुलिस के जवान गश्त कर रहे हैं। संदिग्धों पर पूरी नजर है। जांच पड़ताल के बाद ही लोगों को सीमा पार करने दिया जा रहा है। भारत नेपाल के बीच 1751 किलोमीटर की खुली सीमा के चलते पाक प्रशिक्षित आतंकी आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। महराजगंज जिले से 86 किमी. दूर यह सीमा है। सीमा की निगरानी के लिए 18 बीओपी चेकपोस्ट भी बनाए गए हैं, इसके बाद भी भारत विरोधी तत्व अपने मंसूबे में कामयाब हो जाते हैं। सोनौली सीमा व सीमा से सटे नेपाल में अब तक दर्जनभर से अधिक आतंकी पकड़े जा चुके हैं। लियाकत अली, पुखरायां रेल हादसे का मास्टर माइंड शमशुल होदा, आतंकी याकूब मेमन, बिलाल अहमद बट, नूर बक्श, मुजतबा, दाऊद राथर, अशरफ ठाकुर, मुस्तफा हुसैन, गुलाम मयुद्दीन, वसीर अहमद, अब्दुल रशीद, बशीर, शब्बीर अहमद, इस्माइल, खालिद मीर, सईद जैसे खूंखार आतंकी पकड़े जा चुके हैं।

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