मीरजापुर। भ्रष्टाचार को लेकर शिकायतें तो काफी दिनों से थी लेकिन मामला सीधे जिले के प्रभारी और प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल के सामने पहुंचा तो उनकी तयिोरी चढ़ गयी। मामला जिला महिला अस्पताल था जहां पर प्रसव कराने के नाम पर खुल कर डिमांड की जाती थी। प्रभारी मंत्री ने शुक्रवार को सीएमएस डॉ. मानिक चंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के लिए शासन को पत्र लिखने का निर्देश डीएम को दिया। इसके साथ ही उन्होंने दोषी डॉक्टर और नर्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट मांगी है। इस बाबत जिलाधिकारी डीएम अनुराग पटेल ने बताया कि महिला अस्पताल में अव्यवस्था तथा सीएमएस के खिलाफ जांच कर रिपोर्ट विभागीय मंत्री को भेजी जाएगी। इसके आधार पर शासन स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान हुआ खुलासा

प्रभारी मंत्री शुक्रवार दोपहर एक बजे अस्पताल पहुंचे तो गेट से अंदर घुसते ही गंदगी का ढेर मिलने पर उन्होंने सीएमएस को फटकार लगाई। जनरल वार्ड और सर्जिकल वार्ड में बेडों पर चादर नहीं मिली जबकि जच्चा-बच्चा वार्ड में बकरी घूमती मिली। इस दौरान अमोई कला निवासी उमेश की पत्नी सविता पत्नी और ड्रमंडगंज निवाासी श्रवण की पत्नी मालती पत्नी ने शिकायत की प्रसव के लिए उनसे दो हजार रुपये लिए गए लेकिन दवाएं भी नहीं दी जा रही हैं। कई महिलाओं के परिजनों ने मंत्री को बताया कि प्रसव के नाम पर एक से तीन हजार रुपये लिए गए हैं। पट्टी बदलने से लेकर सुई लगाने के लिए पैसे लिए जा रहे हैं। इस पर मंत्री के सामने सीएमएस समेत स्वास्थकर्मियों सफाई पेश करने की कोशिश की लेकिन एक न सुनी गयी।

admin

No Comments

Leave a Comment