आनलाईन फ्राड गिरोह एटीएम कार्ड में हेराफेरी कर बुक करता टिकट और मंगाता मंहगे सामान

मऊ। एटीएम में कार्ड बदल कर नकदी निकालने की सीमा होती है लेकिन अर्न्तजनपदीय शातिर जालसाज गिरोह ने इसकी भी काट निकाल ली थी। जब तक धोखाधड़ी का शिकार हुआ व्यक्ति अपने कार्ड को ब्लाक कराता तब तक उससे आईआरसीटी के मंहगे टिकट बुक करने से लेकर शापिंग साइट से मंहगे सामनों की खरीदारी कर ली जाती थी। बाद में टिकट कैंसिल कर रकम ले ली जाती और सामान को कम कीमत पर बेच दिया जाता था। ऐसे की गिरोह का पर्दाफाश करते हुए साइबर/स्वाट टीम और हलधरपुर पुलिस ने पांच अर्न्तजनपदीय शातिर जालसाजों को गिरफ्तार कर लिा। उनके कब्जे से आनलाईन खरीदी गयी एलईडी टीवी, वाटर प्यूरी फायर मशीन, 6 मोबाईल फोन, 16 एटीएम कार्ड समेत दूसरे सामान बरामद हुए हैं।

कुछ इस तरह गिरोह करता हेराफेरी

एसपी मऊ सुरेन्द्र बहादुर ने गिरफ्तार जालसाजों को मीडिया के सामने पेश करते हुए बताया कि मऊ, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर व वाराणसी जैसे शहरों में बैंक के एटीएम सेंटरों पर जाकर एटीएम कार्ड हेराफेरी करके बदल लेते हैं या फिर एटीएम कार्ड प्रयोग करने वाले व्यक्तियों का 16 अंको वाला नम्बर व पासवर्ड नोट कर लेते हैं। इससे आनलाईन खरीददारी तथा आईआरसीटी के मंहगे टिकट बुक कर उन्हे बाद में कैंसिल कर नगद रुपये प्राप्त कर लेते हैं। इसके अलावा अमेजन व अन्य कंपनियों से आनलाईन बुकिंग कर सामान खरीद लेते हैं इन समानों को बेचकर रुपया आपस में बराबर-बराबर बांट लेते हैं। बरामद सामान भी आनलाईन जालसाजी कर खरीदा गया है जिसे बेचने के लिये यहां लेकर ग्राहकों का इंतजार कर रहे थे कि पुलिस के हत्थे चढ़ गये।

पहले भी जेल जा चुका है सरगना

गिरोह का सरगना अरविन्द चौहान है जो मुंबई, दिल्ली जैसे महानगरों में रहता है। उसे गिरोह के दूसरे सदस्यों द्वारा एटीएम कार्ड व पिन नम्बरों को उपलब्ध कराया जाता है और वहीं से आनलाईन फ्राड का संचालन करता है। अरविन्द जालसाजी में घोसी से 2015-16 में जेल जा चुका है जो करीब 11 माह जेल में रहा है। छूटने के बाद फिर से हेराफेरी का धंधा शुरू कर दिया। गिरफ्तार दूसरे आरोपितों में अमरनाथ चौहान, मुकेश चौहान, आकाश चौहान व आशुतोष हैं। एसपी की तरफ टीम को पांच हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया गया है।

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