एसटीएफ के साथ मुठभेड में एक लाख का इनामी टुन्ना ढेर, कारबाइन-पिस्टल समेत भारी मात्रा में मिली गोलियां

वाराणसी। वीवीआईपी विजिट के बाद पुलिस रिलेक्स मोड में थी तभी रिंग रोड पर अंधाधुंध फायरिंग की सूचना से सभी सकते में रह गये। फौरन ही इंस्पेक्टर सारनाथ विजय बहादुर अपनी टीम के संग पहुंचे। गोलियां दोनों तरफ से चल रही थी लेकिन एक ओर से फायर करने वाले भी पुलिसकर्मी थे। दरअसल एसटीएफ की वाराणसी यूनिट ने सटीक सूचना पर घेराबंदी कर बाइक से आने वाले संदिग्धों को रोका था तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुुई फायरिंग में एसटीएफ का कमांडो विनोद यादव सीने पर गोली लगने से गंभीर रूप से जख्मी हो गया। फायरिंग रूकी तो स्पष्ट हुआ कि एक लाख का इनामी और संगीन मामलों का आरोपित राजेश दूबे उर्फ टुन्ना गंभीर रूप से जख्मी हुआ है। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

इंजीनियर पर फायरिंग के बाद आया था चर्चा में

मूल रूप से नंदगंज (गाजीपुर) के बनगांवा गांव निवासी टुन्ना का नाम 2012 में उस समय सुर्खियों में आया था जब निर्माण निगम के एक इंजीनियर पर उसने फायरिंग की थी। इस मामले में उसके उपर 25 हजार का इनाम हुआ था लेकिन कोर्ट में समर्पण कर जेल चला गया। जेल से छूटने के बाद उसने बालू माफिया से सुपारी लेकर एक स्थानीय पत्रकार की हत्या कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने दबाव बनाया तो एक बार जेल की सलाखों के पीछे चला गया लेकिन वहां से फरार हो गया। एक तरफ तो टुन्ना के उपर इनाम की राशि बढ़ कर एक लाख हो गयी थी तो दूसरी तरफ वह गैंग को अत्याधुनिक असलहों से लैस कर संख्या बढ़ा रहा था।

सटीक सूचना पर हुई थी घेराबंदी

एक लाख के इनामी के आने की सटीक सूचना पर एसटीएफ की वाराणसी यूनिट प्रभारी विनोद कुमार सिंह इंस्पेक्टर पुनीत परिहार, अमित श्रीवास्तव और विपिन राय के साथ रिंग रोड पर घेराबंदी किये थे। बाइक से आ रहे संदिग्धों को रूकने का इशारा किया तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। बाइक स्लिप करने से दोनों सवार गिर गये लेकिन एक ने पोजीशन लेकर फायरिंग शुरू कर दी जबकि दूसरा संभलने के बाद भाग निकला। फायरिंग रूकी तो एक गंभीर रूप से जख्मी बदमाश मिला। मौके से 9 एमएम कंट्रामेड कारबाइन के साथ काफी गोलियां जिन्दा और एक दर्जन खोखे, पिस्टल .32 की कई गोलियां लोडेड मिली हैं।

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