वाराणसी। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों में अरबों खर्च हो चुके लेकिन दशा ढाक के तीन पात सरीखी है। अब कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने खुद कमान संबाल ली है और वह विकास कार्यों का निरीक्षण करने के साथ इसे तेजी से पूरा करने पर जोर दे रहे हैं। मंगलवार की रात 7741.47 लाख की लागत से निमार्णाधीन चौकाघाट- लहरतारा फ्लाईओवर के धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए सेतु निगम के अभियंता को कड़े निर्देश दिए कि युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर इस सेतु का निर्माण कार्य प्रत्येक दशा में अक्टूबर, 2018 तक पूरा कराएं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही एवं शिथिलता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सेतु निगम के अभियंता को फ्लाईओवर के निर्माण कार्य को चुनौती के रूप में लेते हुए हर हालत में कार्य को अक्टूबर 2018 तक पूरा कराए जाने पर विशेष जोर दिया।

अभियंताओं को दी नसीहत, ठेकेदारों के भरोसे न छोड़े काम

कमिश्नर ने रात साढ़े 9 बजे चौकाघाट-लहरतारा के निमार्णाधीन फ्लाईओवर का औचक एवं स्थलीय निरीक्षण किया। कमिश्नर ने फ्लाईओवर के रोडवेज स्टार्टिंग पॉइंट से लहरतारा कैंसर हॉस्पिटल के ऐडिंग पॉइंट तक पैदल चलकर निरीक्षण किया। सेतु निगम के अभियंता द्वारा बताया गया कि 1710 मीटर लंबे इस फ्लाईओवर के निर्माण में 465 पाइलिंग होनी है, जिसमें से मात्र 47 पाइलिंग शेष रह गई है। जिसे शीघ्र ही पूरा करा लिया जाएगा। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने सेतु निगम के अभियंता को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्य के दौरान मौके पर विभागीय अभियंताओं की उपस्थिति हर हालत में सुनिश्चित कराया जाए और मात्र ठेकेदारों के भरोसे कार्य को न छोड़ा जाए। उन्होंने कार्य में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिए जाने का भी निर्देश दिया।

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