भदोही। गोपीगंज कोतवाली में आटो चालक रामजी मिश्र (65) की पांच दिन मौत के मामले को गरमाने में सपा भी जुट गयी है। मामले में आरोप लगा था कि रामजी की मौत पुलिस की पिटाई से हुई। घटना के बाद जब मामले ने तूल पकड़ा तो आरोप के दायरे में आने वाले तत्कालीन कोतवाल सुनील वर्मा को लाइन हाजिÞर किया गया और उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस खुद को क्लीन चिट देती नजर आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर मंगलवार को पूर्व मंत्री शाहगंज विधायक शैलेंद्र यादव ललई और पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को ढाढस बंधाते हुए सांत्वना दी। इस दौरान मृतक रामजी मिश्रा की पत्नी और बेटियां लगातार यही कहे जा रही थीं कि पापा चिल्लाते रहे कि बचा लो.. बचा लो.. लेकिन कोई आगे नहीं आया। थाने में ही मर गए, अब बोल रहे हैं कि अस्पताल में मरे हैं थाने में नहीं।

पुलिस-प्रशासन के संग भाजपा पर फोड़ा ठीकरा

सपा नेताओं का कहना था भाजपा के ना कोई वरिष्ठ नेता ना मंत्री न ही डीएम-एसपी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। वास्तविकता यह है कि विधायक रवीन्द्र त्रिपाठी और दीनानाथ भास्कर वहां जाकर मामले की जानकारी लिये थे। अलबत्ता ज्ञानपुर के विधायक विजय मिश्र ने परिवार को न सिर्फ 6.5 लाख की मदद दी बल्कि यहां तक कहा कि लाश पर राजनीति नहीं होनी चाहिये। सपा विधायक ने कहा कि मामले की जांच कराकर दोषी पुलिस कर्मियो पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। हमारी पार्टी आर्थिंक मदद देंगी, सरकार बनने पर एक नौकरी और बच्चों कों पढ़ाई कीं खर्च उठायेंगी। उन्होंने इस घटना से अखिलेश यादव शीर्ष नेतत्व को भी अवगत कराने की बात कही। सदन में भी इस मामले की चर्चा करेंगे।

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