वाराणसी। गुर्दा रोग से ग्रसित होने के बाद इलाज किसी गरीब के बस का नहीं रहता था। वजह, इसके लिए डायलसिस कराना होता है जो निजी अस्पतालों में खासा मंहगा है। इसी खातिर बोलचाल की भाषा में इस बीमारी को ‘अमीरों’ का रोग कहा जाता है। प्रदेश के विधि, न्याय, सूचना, खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री डा. नीलकंठ तिवारी ने सोमवार को नये वर्ष के पहले दिन गरीबों को बड़ी सौगात दी है। अपनी विधायक निधि से मंडलीय चिकित्सालय में लगाये गये दो डायलिसिस मशीन लगवा दी। इसका उद्घाटन करते हुए नीलकंठ ने कहा कि अब इस मण्डलीय चिकित्सालय में तीन डायलिसिस मशीन स्थापित करा दिया गया है। एक वर्ष साल पहले इस चिकित्सालय में एक भी डायलिसिस मशीन नहीं रहा लेकिन सीएम योगी ने पिछले दिनों इस अस्पताल के दौरे के दौरान चिकित्सालय में डायलिसिस मशीन न होने की जानकारी पर आश्चर्य जताते हुए इसकी व्यवस्था सुनिश्चित कराये जाने का निर्देश दिया था। एस साल में तीन मशीनों से निश्चित ही लाभ गरीब रोगियों को मिलेगा। उन्होने मौके पर मौजूद सीएमओ डा. बीवी सिंह को निर्देशित किया कि लगाये गये डायलिसिस मशीन का सुचारू एवं आवश्यकतानुसार नियमित संचालन सुनिश्चित कराया जाय तथा जिस भी मरीज को इसकी अवश्यकता हो, उसे प्राथमिकता पर उपलब्ध कराया जाय। इसमें किसी भी प्रकार की किसी स्तर पर ढिलाई न बरती जाय।

सीवरेंज लिकेज से चढ़ा मंत्री का पारा

राज्य मंत्री डायलिसिस मशीन के उद्घाटन के बाद अस्पताल परिसर के निरीक्षण करने निकले। इस दौरान सीवरेंज लिकेंज होने से अस्पताल परिसर में सड़क पर बह रहे गंदा पानी एवं टूटे-फूटे मूत्रालय तथा अस्पताल परिसर में गंदगी देख बिफर पड़े। उन्होने सीएमएस को फटकार लगाते हुए मरम्मत कराये जाने के साथ ही अस्पताल परिसर में व्याप्त सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराये जाने का निर्देश दिया। उन्होने चिकित्सालय में डाक्टरो की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराये जाने पर जोर देते हुए मरीजो का बेहत्तर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराये जाने का निर्देश दिया। इस मौके पर डीएम योगेश्वर राम मिश्र के अलावा मंत्री के प्रतिनिधि आलोक श्रीवास्तव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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