वाराणसी। कार्यभार ग्रहण करने के साथ जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने मीडिया को बताया था कि वह प्राइमरी स्कूल में पढ़े हैं। सबसे अधिक योग्यता रखने के कारण ही सरकारी विद्यालय के अध्यापक निजी स्कूलों से वेतन ज्यादा पाते हैं। संसाधन भी पर्याप्त हैं तो वह निजी स्कूल से पिछड़ क्यों रहे हैं? ऐसा नहीं चलेगा और उनकी तरह दूसरे आईएएस इन स्कूलों से निकले इसके लिए वह पूरा ध्यान देंगे। अपने एजेंडे का क्रिन्यानवन देखने की खातिर गुरुवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में डीएम औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे तो जमीनी हकीकत सामने आयी। दौरान बेतरतीब तरीके से पत्रावलियो के रखरखाव सहित गंदगी देख डीएम भड़क गये। उन्होने लेखाकार गुरू प्रसाद गुप्ता, राजेश कुमार सिंह, संतोष सिंह एवं लोकेश राय को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए पत्रावलियों को सुचारू तरीके से रखरखाव के साथ ही कार्यालय की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराये जाने की हिदायत दी। लेखाकार लोकेश राय द्वारा खिड़की से चाय के पुरूवा बाहर फेक कार्यालय परिसर में गंदगी किये जाने पर दोबारा पुनरावृत्ति होने पर कड़ी कार्यवाही किये जाने की भी चेतावनी दी।

चहुंओर फैली थी गंदगी

जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान डीएम को कार्यालय परिसर में टूटी-फुटी कुर्सियां, खराब पड़े जनरेटर, अस्त-व्यस्त एवं गंदा शौचालय के अलावा कार्यालय में गंदगी एवं पेयजल की व्यवस्था नहीं होने पर गहरी नाराजगी जतायी। कार्यालय के वरिष्ठ सहायक आनन्द देव पाण्डेय को डीएम ने स्पोर्टस कलेण्डर बनाये जाने का निर्देश देते हुए कहा कि कलेण्डर के अनुसार ही कार्यक्रम आयोजित कर प्रत्येक विद्यालयों से दो-तीन बच्चों को चयनित किया गया जायेगा। फिर इन बच्चों का जिला स्तर पर प्रतियोगिता कराकर अच्छे एवं मेधावी बच्चों का चयन किया जायेगा।

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