ओमप्रकाश ने सपा-बसपा संग कांग्रेस को खरी-खरी सुनाकर भाजपा को दी अंतिम चेतावनी, दो दिन में होगा ‘फैसला’

वाराणसी। पिछले कुछ समय से प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के तेवर सरकार के लिए सिरदर्द बन गये हैं। रविवार को पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में उनकी रैली पर भाजपा के साथ विपक्षी दलों की निगाहें लगी थी। बावजूद इसके ओमप्रकाश ने अपने पत्ते नहीं खोले। अलबत्ता सपा-बसपा संग कांग्रेस को खरी-खरी सुनाते हुए अपने तेवर दर्शा दिये हैं। ललकारने के अंदाज में मौजूद जनसमूह से उन्होंने कहा कि आज हम आप लोगो को बुलाये है। आप लोगो की परीक्षा है। दिल्ली से लगाया सभी जगह एक ही चर्चा है कि ओम प्रकाश राजभर आज क्या करने वाला है। जिसको आप वोट देकर लखनऊ भेजते है वो वह जाकर आप को भूल जाता है। अलबत्ता जब हम चलते है तो लोग मुरझाने लगते है। पूरा देश ये कहता है कि ओम प्रकाश राजभर चल रहा है वो भी मुरझाने लगते है

हक के लिए सरकार से लड़ी लड़ाई

कैबिनेट मंत्री का कहना था कि जब हमने झगड़ा करना शुरू किया तो सबसे पहला काम कि कोचिंग फ्री कराया हुआ। ये जो बैठे हुए पार्टियों के ‘बानर’ जो ओम प्रकाश राजभर पर उंगली उठा रहे है। दिव्यांगों को पिछली सरकार में पेंशन मिलती थी 300 और मैने बढा कर 500 कर दिया। मैंने मुख्यमंत्री जी से कहा जब कुम्भ के लिए रुपया है तो दिव्यांगों के लिए भी देना पड़ेगा। छात्रवृति अभी तक होता क्या था? एक हजार करोड़ रुपया मिलता था। उसे 14 सौ करोड़ देने का काम किया। शिड्यूल क्लास में जिसको हिस्सा नही मिला उसे हिस्सा दिलाने का काम कर रहा हूं। आज 24 तारीख है जब आप की लड़ाई के लिए 24 तारीख रखी तो लखनऊ से लेकर दिल्ली तक हलचल मच गई। इससे पहले 19 तारीख को दिल्ली बुलाया गया। हम तीन लोग गए वहां हमने कहा कि वादा किया था कि पिछड़ी जाति की 27 प्रतिशत भागीदारी के बारे में। इसके बाद 20 तारीख को मुख्यमंत्री जी को बुलाया गया दिल्ली। हमारे अजीत राणा और अरविंद गए थे जबकि मैं गया में मौजूद था।

पहले अकेले अकेले लूटते थे, अब एक हो गए है

गठबंधन पर सीधा हमला करते हुए कहा कि पिछले 26 साल सपा-बसपा ने लूटा। जब यह जान गए कि हनुमान के वंशज मोदी के साथ हो गया तो मिल गए। सपा-बसपा के लोग कह रहे है कि भाजपा का खाता नहीं खुली। सपा-बसपा के लोगों ने आम लोगों को लूटा है। अमित शाह और योगी जी को समझाया हु की ये 56% वोट जब एक हो जायेगे तो सपा बसपा को साफ कर देंगे। रही बात कांग्रेस की जो दो सीट पर दांव लगा रही है। दो ही सीट पर सिमट जायेगी। हम जानते है काँग्रेस कि नस। हम रहे हंै उनके साथ इसलिये हम जानते है कांग्रेस को। ये कांग्रेस पार्टी ऐसी पार्टी है कि गरीबी को मिटाते मिटाते एक रेखा खिंच दी है ‘गरीबी रेखा’। मेरे साथ शंकर भगवान और महाराजा सुहेलदेव का आशीर्वाद है। अब 26 को अमित शाह से बात करूंगा जो भी बात तय होगी वो बात मानोगे की नहीं।

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