‘शहीदी’ मुद्रा में ओमप्रकाश ने दी सफाई, किया दावा कि लड़ते रहेंगे पिछड़े वर्ग की लड़ाई

वाराणसी। लोकसभा चुनाव के अंतिम दौर की वोटिंग के पहले जिस तरह ओमप्रकाश राजभर ने भाजपा नेताओं को मां-बहन की गालियां दी थी उस मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद तेवर कम हो गये थे। बेटे अरविन्द के माध्यम से सफाई दी गयी लेकिन कार्रवाई के लिए भाजपा मन बना चुकी थी। इसके बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ‘शहीदी’ मुद्रा में सामने आये। मीडिया से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री के फैसले का स्वागत करते हैं। साथ ही तंज कसा कि फैसला लिया लेकिन देर से लिया। पुराना आरोप दोहराया कि बीजेपी हमको अपने सिंबल पर चुनाव लड़ने के लिए कह रही थी। जब हमने अपनी पार्टी से प्रत्याशी घोषित किए थे तब क्यों नहीं बर्खास्त किया था?

दूसरों पर तंज कसने में नहीं चूके

ओमप्रकाश राजभर का दावा था कि इस चुनाव में बीजेपी का नुकसान होना तय है। बीजेपी को एग्जिट पोल के अनुसार सीटें नहीं मिलेंगी। अपनी लड़ाई हम लड़ते रहेंगे। बीजेपी चाहती है कि जैसे उसके मंत्री चुप है वैसे हम चुप रहे हैं लेकिन हम चुप रहकर बैठने वाले मंत्री नहीं हैं। अभी हम अकेले रहेंगे और सभी विकल्प खुले हैं। बेटे समेत निगमों के अध्यक्षों के हटाने पर ओमप्रकाश राजभर का कहना था कि जब मालिक को हटा दिया गया तो उनके सहयोगी क्या करेंगे। हम तो एक साल से इंतजार कर रहे थे कि कब हटा दें। तेवर दिखाते हुए कहा कि बीजेपी सरकार में 46 पिछड़े समाज नेता है लेकिन किसी पिछड़े समाज के नेता की मां ने दूध नहीं पिलाया कि वह खुलकर पर बोल दे। डिप्टी सीएम पर तंज कसने के क्रम में कहा केशव के बेटे और पत्नी को टिकट नहीं मिला, वह क्या बोलेंगे।

प्रदेश् अध्यक्ष ने सफाई संग उपलब्धि गिनायी

ओमप्रकाश राजभर के मामले में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्रनाथ पाण्डेय का कहना था कि बहुत कष्ट और भारी मन के साथ यह फैसला लेना पड़ा। बदजुबानी और निरंतर टिप्पणी बर्दाश्त की जाती रही लेकिन मऊ में केस दर्ज होने के बाद सहन नहीं किया जा सकता था। भाजपा ने महाराज सुहेलदेव के नाम ट्रेन चलाने से लेकर डाक टिकट जारी करने के अलावा प्रतिमा स्थापित करायी। उनका पूरा सम्मान होगा लेकिन उनके नाम पर किसी को कुछ भी कहने-करने की इजाजत नहीं मिलेगा। ओपी के सभी विभाग अनिल राजभर को दिये गये हैं।

Related posts