टिकट के ‘वितरण’ से दिख गया ओमप्रकाश का ‘दमखम’, कम उम्र वाले के बाद जिसने टिकट मांगा नहीं उसे बना दिया प्रत्याशी

वाराणसी। पिछले कई दशकों से अपनी पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के जरिये चुनावी मैदान में उतरने वाले ओमप्रकाश राजभर की पिछले विधानसभा चुनाव में लाटरी लग गयी। भाजपा के साथ गठबंधन करने पर न सिर्फ सात सीटों पर जीत हासिल हुई बल्कि कैबिनेट मंत्री भी बन गये। इसके बाद से उन्होंने लगातार आंखे तरेरनी शुरू कर दी। लोकसभा चुनावों के महीनों पहले से वह लगातार दबाव बना रहे थे लेकिन दूसरे चरण का प्रचार बंद होने तक नहीं सुनी गयी तो गठबंधन छोड़ अकेले मैदान में उतरने की घोषणा कर दी। पार्टी की मनोस्थिति इससे समझी जा सकती है कि पीएम मोदी के खिलाफ जिस सिद्धार्थ को प्रत्याशी बनाया उसकी उम्र ही चुनाव लड़ने की नहीं थी। मामला तूल पकड़ा तो सुरेन्द्र राजभर के नाम की घोषणा कर पड़ी।

सपाई ने खोल दी कलई

गठबंधन तोड़ने के साथ ओमप्रकाश राजभर ने 25 प्रत्याशी उतारने की घोषणा की थी लेकिन सूची जारी करने तक संख्या बढ़ कर 39 हो गयी। दशा यह है कि सुभासपा की अब ऐसी किरकिरी हो रही है कि जवाब नहीं देते बन रहा है। दरअसल मीरजापुर से सुभासपा ने दरोगा बियार को टिकट दे दिया था। अपने खेत में फसल काट रहे दरोगा बियार ने इस जानकारी पर टिप्पणी की, मैने टिकट मांगा ही नहीं तो प्रत्याशी कहां से बना दिया। विकास खंड जमालपुर के रीवां गांव निवासी दरोगा बियार जला पंचायत सदस्य हैं और लंबे समय से सपा से जुड़े हैं। उन्हें सपा की जिला कार्यकारणी का सदस्य भी बनाया गया। इससे प्रतीत होता है कि ओपी राजभर सिर्फ प्रत्याशी खड़ा करने की सोच रहे हैं और इनके बारे में उन्हें जानकारी तक नहीं है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने की मुनहार

ओपी राजभर के रवैये के बावजूद भाजपा अभी मुनहार-पुचकार में जुटी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर से हमारा उत्तर प्रदेश मे गठबंधन है। इस गठबंधन में ओमप्रकाश राजभर कैबिनेट मंत्री हैं और उनकी पार्टी के दो सदस्य राज्य मंत्री के दर्जा प्राप्त निगम बोर्डों के अध्यक्ष हैं। साथ ही पांच मेंबर अलग अलग समितियों के सदस्य हैं। हमने आज भी उनके पसंद की सीट रखी हुई है और उनसे अपील है कि वो आएं और उससे लड़ें।पूर्वांचल के सियासी रण में बीजेपी की पेंच फंस गई है। विरोधियों के साथ अब उसे अपनों की भी चुनौती मिल रही है। बीजेपी की सहयोगी पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने पूर्वांचल की 39 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर बीजेपी को बड़ा झटका दिया है। बीजेपी की स्थिति सांप छछूंदर जैसी हो गई है, जिसे पार्टी न निगल पा रही है और ना ही उगल। सुभासपा सुप्रीमो ओमप्रकाश राजभर के इस कदम के बाद पार्टी ने खामोशी की चादर ओढ़ ली है। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला अमित शाह करेंगे। हालांकि पार्टी को लगता है कि अंतिम वक्त में सुभासपा सुप्रीमो ओमप्रकाश राजभर को मना लिया जाएगा।

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