अब एफआईआर लिखवाने के लिए नहीं होगा चक्कर लगाना, प्रदेश के 22 जिलों में शामिल है काशी का ‘बिजली थाना’

वाराणसी। बिजली चोरी रोकने की खातिर विभागीय अधिकारी जाते तो थे लेकिन अधिकांश मामले दर्ज नहीं होते थे। आरोप भले कदाचार के लगे लेकिन इसके पीछे कुछ दूसरी ही वजह होती थी। दरअसल बिजली विभाग के अवर अभियंता से लेकर दूसरे कर्मचारी संबंधित थाने का चक्कर लगाते थे लेकिन एफआईआर नहीं दर्ज होती थी। मुकदमा दर्ज करने पर उसकी विवेचना करनी होती जिसके चलते पुलिसवाले भी कन्नी काटते थे। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद एक थाने को प्रयोग के तौर पर बिजली विभाग की रिपोट दर्ज के लिए नोडल के रूप चयनित किया गया लेकिन दो दिन में त्राहिमाम की स्थिति हो गयी। गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस पर काशी के भेलूपुर सहित प्रदेश के 22 जिलों के छह मंडलों में बिजली थाने खोले गए। यहां पर थाने का उद्घाटन पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निदेशकगण, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंतागण ने किया।

इनको मिला है थाने का प्रभार

नयी व्यवस्था के तहत जनपद के किसी इलाके में विद्युत चोरी के मामले बिजली थाने शुरू होने से यहीं पर दर्ज हो जाएंगे। मंडलों के बाद जल्द ही प्रदेश के सभी जिलों में भी बिजली थाने खोले जाएंगे। काशी में इंस्पेक्टर संजय राय को थाना प्रभारी बनाया गया है। इसी तरह इंस्पेक्टर पंकज यादव चंंदौली, बालकृष्ण सिंह भदोही, प्रयागराज उमेश सिंह और इंस्पेक्टर कैैंट रह चुके अबरार अहमद को कौशांबी में थाना प्रभारी बनाया गया है। काशी के थाने में इंस्पेक्टर के संग चार सब-इंस्पेक्टर, सिपाही सहित 28 लोगों की तैनाती की जाएगी। बिजली थाने के इन पुलिस कर्मियों को वेतन पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम देगा।

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