प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ही नहीं सोशल मीडिया पर भी रहेगी नजर, पेड न्यूज की खातिर समिति गठित

वाराणसी। पिछले लोकसभा चुनाव के बाद जिस तरह समूचे देश में सोशल मीडिया का असर बढ़ा है उसका असर निर्वाचन आयोग पर भी पड़ा है। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के तहत विभिन्न प्रकार की मीडिया में पेड न्यूज का सघनता से अनुश्रवण किया जाएगा। इस क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम सुरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणीकरण एवं अनुश्रवण समिति (एमसीएमसी) का गठन किया गया है।

पेड न्यूज को इस तरह किया परिभाषित

निर्वाचन आयोग ने ‘पेड न्यूज’ को कुछ इस प्रकार परिभाषित किया है। कोई भी खबर या विश्लेषण जो (प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक) मीडिया में नगद या अन्य किसी रूप में प्रतिफल के लिए प्रकाशित किया गया है के सभी मामलों के समर्थक दस्तावेजों की कटिंग, क्लिपिंग, संबंधित टीवी व रेडियो विज्ञापनों के रिकॉर्डिंग सहित अभ्यर्थी द्वारा विज्ञापन पर किए गए व्यय के संबंध में रिकॉर्ड रखा जाएगा। जिसे व्यय के छाया प्रेषण रजिस्टर में शामिल किया जाएगा। इलेक्ट्रानिक मीडिया या सोशल मीडिया मैं विज्ञापन देने के मामले में एमसीएमसी से पूर्व प्रमाणन कराया जाएगा। एमसीएमसी द्वारा समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, मोबाइल नेटवर्क, बल्क एसएमएस, सोशल मीडिया व जनसंचार के अन्य साधनों को प्रतिदिन देखा जाएगा तथा अभ्यर्थियों का राजनीतिक दलों से संबंधित विज्ञापनों, विज्ञापनिकाओ, संदेशों, चर्चाओं और साक्षात्कार आदि का रिकॉर्ड रखा जाएगा।

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