भदोही। औराई से भाजपा टिकट पर विधायक चुने गये दीनानाथ भास्कर किसी जमाने में बसपा के कोर ग्रुप के सदस्य थे। सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। बावजूद इसके उनकी बसपा सुप्रीमो मायावती से अधिक दिनों तक नहीं बनी। काशीराम के करीबी होने का दावा करने के साथ उन्होंने मायावती को लेकर सनसनीखेज आरोप भी लगाये थे। इसके बाद उनका राजनैतिक कैरियर थम सा गया था। बसपा से सपा होते भाजपा में आने के बाद विधायक बने तो उन्हें लगा कि दलित कोटे में एडजेस्ट किया जायेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक साब बीतने के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल की सुगबुगाहट के बीच उन्होंने तल्ख तेवर अपना लिये हैं। कुछ दिनों पहले सार्वजनिक मंच से खरीखोटी सुनाने के बाद रविवार को औराई क्षेत्र के तहसील परिसर पर विधायक दीनानाथ भास्कर दोपहर 12 से शाम पांच बजे तक धरने पर बैठे रहे। डीएम के आश्वासन पर देर शाम उन्होंने धरना समाप्त किया।

अधिकारियों के बहाने सरकार पर साधा निशाना

विधायक ने तहसील क्षेत्र में हो रहे भ्रष्टाचार के मामले को लेकर कई आरोप लगाये हैं। उनका कहना था कि अधिकारियों के द्वारा पीएम आवास में धन उगाही, शौचालय में धन उगाही, विद्युतीकरण के लिए जनप्रतिनिधियों से सलाह न लेना, अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों को सम्मान न देना, मेडिकल लगाकर सस्ते गल्ले की दुकान को दूसरे दुकानों पर अटैच कर देना, निलंबित दुकानों को निस्तारण समय पर न करने के संबंध में बर्खास्त दुकान को समय पर निस्तारण कर कार्रवाई करने की बात कही। इसके अलावा प्रधानों के खिलाफ मामलों का जल्द से जल्द न निस्तारण करना भूमाफियों के नाम पर बंजर जमीन पर बने हुए मकानों से भानु भाई कार्य विवादित मामले को खारिज कर 35 दिन के अंदर निस्तारित करने की बात कही। वरासत के लिए धन उगाही करना एसडीएम के आदेश के बावजूद पुलिस कार्रवाई न करना और पुलिस का अपने मनमुताबिक कार्रवाई करने के संग ज्ञानपुर थाना क्षेत्र में 5 बड़ी चोरी के मामले को पदार्फाश न करना, तहसील दिवस मैं सैकड़ों मामलों को घर बैठे अधिकारी निस्तारित कर देना जैसी बातों को दोहराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे जिसमें मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष हौसला पाठक महामंत्री राजेंद्र दुबे, संतोष त्रिपाठी, चुन्नू दुबे, डब्बू सिंह, राजेश कुमार, गोली दुबे सहित काफी लोग मौजूद रहे।

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