वाराणसी। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में हुए सनसनीखेज कांड की गूंज दिल्ली तक पहुंची थी। सीएम योगी ने खुद इस मामले में नाराजगी जताते हुए आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिये थे। मुख्य आरोपित आलोक उपाध्याय की गिरफ्तारी के बाद वैसी ही शाबासी भी मिली। इस सराहनीय कार्य के चलते मंगलवार को वाराणसी पुलिस को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। मंगलवार को एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह को शाबासी दी और उनके साथ गिरफ्तारी करने वाली पूरी टीम को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया।

हंगामा करने वाले पर भी कसा शिकंजा

जेएचवी शूटआउट के आरोपी आलोक के पिता अवधेश उपाध्याय ने सोमवार को कैन्ट स्टेशन पर बेटे को गिरफ्तार करने वाले विक्रम सिंह पर हमला तक किया था जिसमें वह मामूली रूप से जख्मी हो गये थे। इसके बाद कैंट थाने पर देर तक हंगामा करने के संग आत्मदाह की धमकी देते हुए पुलिस को बैकफुट पर ला दिया था। इस मामले में कैन्ट पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा ड़ालने के मामले में मुकदमा दर्ज किया है। माना जा रहा है कि इस मामले में फरार दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस-प्रशासन सख्त निरोधात्मक कार्रवाई करेगा जिससे दोबारा कोई ऐसी जुर्रत न कर सके।

लाइन हाजिरी के बाद भी छोड़े नहीं प्रयास

मुख्य आरोपी आलोक उपाध्याय की गिरफ्तारी में कैेंट थाने के निवर्तमान प्रभारी राजीव रंजन की भी अहम भूमिका रही। वारदात के बाद भले ही उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया था लेकिन वह सुरगशी-पतागशी में जुटे रहे। यहीं नहीं डेंगू का शिकार होकर कई दिनों तक आन बेड रहे एसपी सिटी ने स्वास्थ्य में सुधार के संग मामले की मानीटरिंग शुरू कर दी थी। सामूहिक प्रयास का नतीजा रहा कि एक सप्ताह के भीतर मुख्य आरोपित कानून की गिरफ्त में आ गया।

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