वाराणसी। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और सूबे की पुलिस के मुखिया ओपी सिंह की शहर में मौजूदगी के बावजूद जैतपुरा थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े सरेआम हत्या की वारदात हुई थी। आला अधिकारियों ने हमलावरों की गिरफ्तारी को लेकर तमाम दावे किये थे। हकीकत इससे इतर रही। नामजद आरोपितों में एक को भी पुलिस पकड़ने में विफल रही। दूसरी तरफ पुलिसिंग को चुनौती देते हुए आरोपितों ने बाकायदा कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर एलानिया कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। हत्या के मामले में फरार चल रहे शेष दो आरोपियों अजय यादव व सागर यादव ने भी बुधवार को पुलिस को चकमा देकर अदालत में समर्पण कर दिया।

सभी आरोपित आत्मसमर्पण कर गये जेल

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जेपी यादव ने दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। इसी प्रकरण मे तीन मई को ही मुख्य आरोपी श्रेयस पांडेय उर्फ उमंग दूसरे आपराधिक मामले में जमानत तुडवाकर जेल चला गया था। वहीं सात मई को दूसरे आरोपी अमरनाथ यादव उर्फ बाले यादव ने भी अदालत में समर्पण कर जेल चला गया। बता दें कि गत 30 अप्रैल 2018 को औसनगंज (जैतपुरा) मे संदीप यादव उर्फ सोनू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश का दावा कर रही थी लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी।

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