वाराणसी। गोइठहां में निर्माणाधीन सीवरेंज टीटमेंन्ट प्लान्ट को शुरू करने को लेकर तारीख पर तारीख दी जा चुकी है। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने साथ कर दिया कि अब ऐसा नहीं होगा। निमार्णाधीन एसटीपी को निर्धारित अवधि में पूरा कराये। मंगलवार को कमिश्नर ने 533 करोड़ लागत से निमार्णाधीन 120 एमएलडी एसटीपी को हर हालत में 25 अप्रैल से शुरू कराये जाने हेतु गंगा प्रदुषण नियंत्रण इकाई के अभियंता को निर्देशित करते हुए कहा कि परियोजनाओं को पूरा कराये जाने हेतु तारीख पर तारीख लेने और उसे पुन: आगे बढ़ाये जाने की प्रवृत्ति से बाज आये। जलनिगम के अभियंता द्वारा 25 अप्रैल से शुरू होने पर फिलहाल 20 एमएलडी ही आ रहे सीवरेज को ट्रीटमेंट किये जाने की जानकारी पर कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि शेष सीवरेंज का पानी प्लान्ट तक क्यों नहीं पहुंचेगा? जलनिगम के अभियंता द्वारा ओपेन सीवर को टैब करने पर 80 एमएलडी और सीवरेंज को और प्लान्ट तक आने की जानकारी पर कमिश्नर ने सभी ओपेन सीवर को टैब किये जाने का निर्देश दिया। जलनिगम के अभियंता द्वारा अभी तक 50 हजार लक्षित घरो के कनेक्शन के सापेंक्ष केवल 20 हजार ही कनेक्शन किये जाने की जानकारी पर कमिश्नर ने शेष घरो के सीवरेज कनेक्शन युद्वस्तर नी अभियान चलाकर पूरा कराये जाने का निर्देश दिया। जबकि सीस वरूणा क्षेत्र के पूर्व 15 हजार घरेलू सीवरेज कनेक्शन प्लान्ट के ट्रंक एवं बेंच लाइन से न जुड़े होने की जानकारी पर उन्होने इन कनेक्शनों को भी प्लान्ट से जोडे जाने का निर्देश दिया।

वरुणा में सीवर गिरता देख लगायी फटकार

कमिश्नर ने निमार्णाधीन गोइठहा, दीनापुर सीवरेंज, सारनाथ स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लान्ट सहित पाण्डेयपुर में निमार्णाधीन कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वरूणा में गिर रहे सीवरेंज लाइन पर नाराजगी जताते हुए उन्होने जलनिगम के अभियंता को जमकर फटकार लगायी तथा सवाल किया कि ओपेन में सीवर जा रहा है और उसे टैब क्यों नहीं किया जा सकता है। उन्होने वरूणा में गिर रहे सभी नालों को चिन्हित कर टैब करते हुए गोइठहा सीवरेंज ट्रीटमेंट प्लान्ट लाकर उसे ट्रीट किये जाने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान पाण्डेयपुर फ्लाईओवर के नीचे जलनिगम द्वारा सड़क की खोदाई की पाइन लाइन डालने के बाद मात्र मिट्टी से गड्ढे को पाटने पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र सड़क मरम्मत कराये जाने का निर्देश दिया। सारनाथ में 23.6 करोड़ की लागत से निमार्णाधीन 100 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लान्ट को भी उन्होने नवम्बर, 2018 तक पूरा कराने के साथ ही दिसम्बर से हर हालत में शुरू कराये जाने का निर्देश दिया। उन्होने विशेष रूप से जोर देते हुए सारनाथ वाटी ट्रीटमेंट प्लान्ट के शुरू होने पर क्षेत्र के लगभग 7 लाख 27 हजार आबादी को शुद्व पेयजलापूर्ति होने लगेगा। दीनापुर में 219 करोड़ की लागत से निमार्णाधीन 140 एमएलडी सीवरेंज ट्रीटमेंट प्लान्ट के निरीक्षण के दौरान भी कमिश्नर ने धीमी र्प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जलनिगम के अभियंताओं को हिदायत दी कि इस ट्रीटमेंट प्लान्ट को प्रत्येक दशा में 30 जून तक पूरा कराते हुए 01 जुलाई से शुरू कराया जाय। इस प्लान्ट के शुरू होने पर 100 एमएलडी सीवरेंज का ट्रीटमेंन्ट तुरन्त शुरू हो जायेगा तथा ट्रीट पानी किसानों को खेती कार्य हेतु मिलने लगेगे।

तीन साल अधिक समय ले चुका जल निगम

निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने जलनिगम के अभियंता को निर्देशित करते हुए कहा कि परियोजना को पूरा कराये जाने हेतु निर्धारित अवधि बीतने के बाद तीन-तीन महिने की अवधि लेते हुए तीन साल की समय जलनिगम द्वारा इस परियोजना को पूरा कराये जाने हेतु ले चुका है। फिर भी अभी कार्य पूरा न होना विभाग के कार्य क्षमता पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने युद्व स्तर पर अभियान चलाकर प्रत्येक दशा में पहली जुलाई से दीनापुर सीवरेंज ट्रीटमेंन्ट प्लांट को शुरू कराये कराये जाने की हिदायत दी। इस दौरान कमिश्नर ने दीनापुर सीवरेंज ट्रीटमेंन्ट प्लान्ट से ट्रीट होकर गंगा नदी में जा रहे जल की गुणवत्ता को भी परखा। निरीक्षण के दौरान उन्होने दीनापुर सीवरेंज ट्रीटमेंन्ट प्लान्ट के खराब एवं उबड़ खाबड़ सड़क को तुरन्त ठीक कराये जाने का भी निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने कार्यदायी संस्था के अभियंताओं को अपनी कार्य संस्कृति बदलने की नसीहत देते हुए युद्वस्तर पर अभियान चलाकर गुणवत्ता के साथ कार्यो को पूरा कराये जाने हेतु निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान संयुक्त विकास आयुक्त राजीव बनकटा, जायका के अशोक कुमार सहित जलनिगम, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई आदि के अभियंता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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