हलफनामे से ढाई गुना अधिक ‘केस’ से अतुल राय को लेकर फंसा नया ‘पेंच’, प्रशासन ने नोटिस जारी कर मांगा जबाव

मऊ। घोसी से गंठबंधन के प्रत्याशी अतुल राय की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। अब तो उनकी उनकी उम्मीदवारी पर सवलिया निशान खड़ा हो गया है। दरअसल अतुल राय ने पर्चा दाखिल करते समय कोर्ट में जो हलफनामा दिया था उसमें खुद के खिलाफ 13 आपराधिक मामलों का जिक्र किया था। दूसरी तरफ दुष्कर्म मामले में हाइकोर्ट में पुलिस की तरफ जो जबाव दाखिल किया गया है उसमें अतुल के खिलाफ बाकायदा 33 संगीन मामलों का जिक्र है। मुकदमा अपराध संख्या और धाराओं के साथ पुलिस ने नये सिरे से आपराधिक इतिहास तैयार किया जो संख्या ढाई गुना से अधिक बढ़ गयी है। जिला प्रशासन ने अतुल राय को नोटिस जारी करने के साथ उनसे सोमवार को 11 बजे तक जबाव मांगा है। साथ ही ऐेसा न होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

भाजपा प्रत्याशी ने उठाया मामला

गौरतलब है कि अतुल राय इस समय पुलिस के रिकार्ड में फरार चल रहै हैं। मूल रूप से बलिया निवासिनी एक युवती ने अतुल के खिलाफ लंका थाने में दुष्कर्म,धोखाधड़ी और धमकाने का मामला दर्ज कराया था। अतुल राय ने गिरफ्तारी से बचने की खातिर हाइकोर्ट में गुहार लगायी। इस पर पुलिस की तरफ से जो पक्ष रखा गया उसमें मुकदमों की संख्या 33 दर्शायी गयी है। इस पर भाजपा प्रत्याशी हरिनारायण राजभर ने जिला निर्वाचन अधिकारी के यहां आपत्ति दर्ज करायी है जिसमें तथ्यों को छिपा कर गलतबयानी के चलते कार्रवाई की मांग की गयी। प्रार्थनापत्र में आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने अतुल राय के साथ उनके निर्वाचन अभिकर्ता धर्म प्रकाश यादव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

गठबंधन की तरफ से साधी गयी चुप्पी

प्रकरण की शुरुआत में भले ही बसपा प्रमुख मायावती ने अपने प्रत्याशी का पुरजोर बचाव कर इसे विरोधियों की साजिश करार देने में समय नहीं लगाया लेकिन बाद में नये तथ्यों के आने के बाद से चुप्पी साध ली है। महिलाओं से संबधित मामला होने के नाते कोई बड़ा नेता इस पर खुल कर बोलने को राजी नहीं है। अतुल खुद फरार हैं और अंसारी परिवार भी इस मामले में सामने आने से बच रहा है।

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