सरकारी ठेकों को लेकर घमासान में जुड़ेगा नया नाम! न रहने पर सक्रिय रहा बाहुबली विधायक का खेमा हलकान

वाराणसी। पिछले साल बागपत जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी के मारे जाने के बाद रेलवे समेत दूसरे सरकारी ठेकों पर काबिज हुए सत्तारूढ़ दल के भाजपा विधायक खेमे को बड़ा झटका लग सकता है। पहले तो मामूली स्टैंड के ठेके को लेकर नये गुट ने उनके गुर्गों की न सिर्फ जमकर पिटाई की बल्कि एहसास करा दिया कि वह पीछे हटने को राजी नहीं है। दरअसल इस गुट को जब से मुन्ना बजरंगी और उससे जुड़े लोगों को खत्म करने वाले लखनऊ के प्रभावशाली व्यक्ति की सरपरस्ती मिली है वह किसी की नहीं सुन रहा है। खास यह कि नये गुट की अगुवाई करने वाला हनी पहले बजरंगी गुट से जुड़ा था लेकिन उसने गिरोह के पुराने संरक्षक की तरफ निष्ठा दिखाते हुए ठेकों में दखल देना शुरू किया है। दूसरी तरफ डीरेकाकर्मी टीके मुकेश की हत्या के मामले में जेल में निरुद्ध पंकज सिंह उर्फ डब्लू राय की रासुका निरस्त होने के बाद बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। डब्लू के जेल जाने के बाद ही विधायक गुट ने डीरेका में सरगर्मी बढ़ायी थी लेकिन नये गुट के साथ पुराने विरोधी का सामना करना होगा।

आगाज से अंजाम सोच सहमे लोग

सूत्रों की माने तो नये गुट ने जिस तरह स्टैंड के टेंडर को लेकर विधायक से जुड़े लोगों को सीधा चैंलेज दिया है उससे स्पष्ट है कि रार सिर्फ रेलवे तक ही सीमित हीं रहेगी। यह पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग,आरईएस से लेकर दूसरे सरकारी विभागों तक जा सकती है। कहना न होगा कि सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद विधायक का गुट हावी हुआ था लेकिन बजरंगी के मारे जाने के बाद से लगभग काबिज हो गया। काफी लोग ने उनकी शर्तों पर काम करना शुरू कर दिया था लेकिन नये गुट के आने से पुराने ठेकेदारों की बांछें खिली हैं। उन्हें लग रहा है कि एकाधिकार टूूटेगा तो काफी कुछ मुनाफे का प्रतिशत बढ़ सकता है।

डब्लू के करीबी हो रहे हैं लामबंद

बुधवार को लहरतारा स्थित डीआरएम आफिस में घमासान का मामला गरमाया रहा लेकिन इसी समय एक और घटनाक्रम हो चुका था। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने डीएलडब्ल्यूकर्मी टीके मुकेश की हत्या मामले में आरोपी पंकज सिंह उर्फ डब्ल्यू सिंह पर लगायी गयी रासुका रद्द कर दी है। साथ ही किसी अन्य केस में वांछित न होने पर तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है। डब्लू के अधिवक्ता अनुज यादव और विपिन सिंह का कहना है कि जल्द बेल बांड दाखिल करने समेत दूसरी औपचारिकता पूरी कर ली जायेगी।

मिल गयी थी जमानत, छूट गये वाहन

डीआरएम आफिस में जमकर मारपीट-पथराव के बाद पहुंची पुसिल ने मौके से चार लोगों को हिरासत में लिया था। किसी ने तहरीर नहीं दी तो पुलिस ने अपनी तरफ से शांतिभंग की धाराओं के तहत चालान कर दिया। सभी को मजिस्ट्रेट कोर्ट से बुधवार को ही जमानत मिल गयी। वहां मिले वाहनों का भी चालान हुआ था जिन्हें गुरुवार को जुर्माना जमा करने के बाद रिलीज करने का आदेश दिया जा चुका है।

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