वाराणसी। बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद उत्तरप्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने कई लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। घटना के पीछे साजिश की बात कही जा रही है। तो वहीं मुख्तार अंसारी के प्रबल प्रतिद्वंदी अशोक सिंह ने मुन्ना बजरंगी की हत्या का इल्जाम मुख्तार अंसारी पर लगाया हैं।

मुन्ना बजरंगी की हत्या मुख्तार अंसारी ने कराई है यह दावा कोई और नहीं बल्कि उनके प्रबल प्रतिद्वंदी अशोक सिंह द्वारा कहा गया हैं। अशोक सिंह ने बताया कि मुख्तार अंसारी हमेशा उन लोगों को मरवा देता है जो उनके लिए काम करते हैं और फिर अपने अलग कार्य करने लगते हैं। जैसा कि मुन्ना बजरंगी की महत्व राजनीतिक महत्वकांक्षा जाग गई थी। और उसने मुख्तार अंसारी के सभी ठेकों पर एन केन प्रकारेण हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया था। गाजीपुर में ही रोडवेज की बिल्डिंग का ठेका मुन्ना बजरंगी और उसके सहयोगियों ने लेकर करवाना शुरू कर दिया था। जिससे कि मुख्तार अंसारी के नाक के नीचे ही मुन्ना की पहुंच हो चली थी।

ऐसे में उन्होंने कृष्णानंद राय हत्याकांड के इस आरोपी को जिस की गवाही भी होनी थी और शायद सरकारी गवाह बनकर इनके खिलाफ गवाही दे। इस नाते उन्होंने मुन्ना बजंरगी की हत्या करवा दिया। अशोक सिंह की माने तो सुनील राठी मुख़्तार अंसारी का शूटर है और जेल में अपराध करना और कराना मुख़्तार ने शुरू किया था। बता दे की मुख़्तार अंसारी और अशोक सिंह एक दुसरे के जानी दुश्मन है.क्योकि मुख़्तार अंसारी ने 2009 में ठेकेदारी को लेकर अशोक सिंह के भाई ,मन्ना सिंह की फ़िल्मी स्टाइल में हत्या कराई थी। जिसके बाद दोनों एक दुसरे के जानी दुश्मन है।खुफिया विभाग ने रिपोर्ट दी है कि पूर्वांचल में एक बार फिर गैंगवार छिड़ सकती है। सभी की निगाह इस बात पर है कि इन दोनों माफियाओं में कौन भारी पड़ेगा। माफियाओं की यह जंग हजारों करोड़ के ठेकों पर खत्म होती है। ऐसे में पूर्वांचल में अस्सी व नब्बे दशक की गैंगवार की जंग का एक और नया संस्करण सबको देखने को मिले तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी।

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