वाराणसी। जिला पुलिस के तेवर बदल गये हैं। पिछले माह जेएचवी मॉल में फायरिंग का बाद पुलिस ने इनामियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कैंट थाना क्षेत्र में इनामी भंटू की गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद ही रामनगर इंस्पेक्टर अनूप शुक्ला और एसओ शिवपुर नागेश कुमार सिंह की टीम ने मुठभेड़ के दौरान 50 हजारा इनामी वसोपन खरवार को उसके भाई मिथुन खरवार के साथ धर-दबोचा। बदमाशों की फायरिंग की जद में आने से कांस्टेबिल सूरज सिंह जख्ी हो गया है। घायल बदमाशों को बीएचयू ट्रामा सेंटर जबकि सिपाही को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके से पिस्तौल-तमंचे के अलावा खोखा-कारतूस बरामद हुआ है।

अंतरप्रांतीय बदमाशों की कई साल से थी तलाश

एसएसपी आनंद कुलकर्णी गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि गिरफ्तार दोनों बदमाश मूल रूप से सासाराम (बिहार) के निवासी है लेकिन फूलपुर में 2012 में डकैती से लेकर दूसरे कई मामलों में वांछित चल रहे थे। पिछले छह सालों से फरार चल रहे इन बदमाशों पर आईजी रेंज की तरफ से 50 हजार का पुरस्कार घोषित किया गया था। दोनों सगे भाई है और उत्तर प्रदेश के साथ बिहार में दुस्साहसिक वारदातों को अंजाम देकर खौफ कायम कर रखा था। सटीक सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर रामनगर और एसओ शिवपुर ने घेराबंदी की थी। पुलिस के आत्मसमर्पण के लिए ललकारने पर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी थी। पत्रकार वार्ता में एसपी सिटी दिनेश सिंह और एसपी क्राइम ज्ञानेन्द्र प्रसाद भी मौजूद थे।

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