चंदौली। सत्तारूढ़ दल से तो लंबे समय से जुड़े थे लेकिन एक साल पहले सूबे में सरकार बन गयी तो नेताजी के पौ बारह हो गये। जो कुछ पहले पर्दे के पीछे करते थे खुलेआम होने लगा। नेताजी की हनक कहे या पुलिस समेत दूसरी एजेंसियों की विवशता लेकिन राख के रूप में भरी जा रही नकली सीमेंट की बोरियां असली के स्थान पर सप्लाई होने लगी। एक नहीं कई फैक्ट्रियां इस काम में जुटी थी और रोजाना लाखों का वारा न्यारा हो रहा था। बहुप्रतिष्ठित सीमेंट कंपनी हलकान थी कि बिक्री लगातार घटती क्यों जा रही है जबकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के इलाके में खपत बढ़ रही है। टीम को जांच के लिए भेजने पर गोरखधंधे का खुलासा हुआ। पुलिस को साथ लेकर औद्योगिक नगर इलाके में छापेमारी की गयी तो ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली सीमेंट बनाने का मामला सामने आया है। तीन फैक्ट्रियों से सैकड़ों खाली और भरी बोरियों के अलावा तैयार करने का कच्चा माल मिला है।

नहीं काम आया दबाव

अचानक हुई छापेमारी से सीमेंट फैक्ट्रियों के संचालक व कर्मचारियों में खलबली मच गई। इस दौरान एक सीमेंट फैक्ट्री में अवैध रूप से ब्रांडेड कंपनी की बोरियां बरामद हुई। जांच टीम ने जब पूछताछ की, तो संचालक को चर्चितऔर दबंग विधायक का करीबी बताते हुए दबाव बनाने का प्रयास किया गया। दबाव को दरकिनार करते हुए पुलिस और जांच टीम ने बोरियों को जब्त कर लिया। बाद में मुगलसराय थाने पर तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में औद्योगिक नगर पुलिस चौकी प्रभारी मनोज तिवारी ने पूछे जाने पर बताया कि तीन लोकल सीमेंट फैक्ट्री से नामी गिरामी कंपनी की बोरियां मिली है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज लिया गया है।

admin

No Comments

Leave a Comment