एनईआर ने ‘गुठलियों’ के दाम निकालने में पाया पहला स्थान, स्क्रैप डिस्पोजल में मिला पहला स्थान

गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के भंडार विभाग ने भारतीय रेल के सभी क्षेत्रीय रेलों में गत वर्ष की समान अवधि की तुलनात्मक वृद्वि में स्क्रैप डिस्पोजल में पहला स्थान प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि पूर्वोत्तर रेलवे ने इस वित्त वर्ष में 28 अगस्त तक स्क्रैप डिस्पोजल से 44.37 करोड़ रुपये का रेल राजस्व अर्जित किया है जो वर्ष 2019-20 की इसी अवधि की तुलना में 86.74 प्रतिषत अधिक है। गत वर्ष इसी अवधि में स्क्रैप डिस्पोजल से पूर्वोत्तर रेलवे को रू. 23.76 करोड़ को रेल राजस्व प्राप्त हुआ था। कोविड-19 के चलते लॉकडाउन के फलस्वरूप 16 जून से स्क्रैप डिस्पोजल की प्रक्रिया प्रारम्भ हुई तथा इस अल्प अवधि में पूर्वोत्तर रेलवे ने यह उपलब्धि प्राप्त की। रेल दृष्टि के अनुसार स्क्रैप निस्तारण में पूर्वोत्तर रेलवे गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में समस्त क्षेत्रीय रेलों में सर्वोच्च रही है। कोविड-19 के काल में यह उपलब्धि बेहद महत्वपूर्ण है। स्क्रैप डिस्पोजल से रेल राजस्व प्राप्त होने के साथ ही रेल परिसर से अवांछित सामग्री को हटाने में भी सफलता मिलती है तथा रेल परिसर साफ सुथरा हो जाता है।

ई आक्शन से होती है निलामी

गौरतलब है कि पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा सभी प्रकार की स्क्रैप सामग्री जैसे- रेल स्क्रैप, फेरस स्क्रैप, नॉन फेरस स्क्रैप, खराब वैगन, कोच, इंजन तथा विविध प्रकार के स्क्रैपों की नीलामी की जाती है। स्क्रैप बिक्री की यह प्रक्रिया आई.आर.ई.पी.एस. पोर्टल के माध्यम से ई-आक्शन द्वारा की जा रही है जिससे पूर्ण पारदर्शिता एवं वृहद प्रतिस्पर्धा सुनिष्चित की जाती है। पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा एक व्यवस्था अपनायी गयी है जो क्रिस द्वारा विकसित टीएमएस एवं आईआरईपीएस प्रणाली को लिंक करता है। जिसके फलस्वरूप आईआरईपीएस पोर्टल पर इंजीनियरिंग विभाग द्वारा स्क्रैप का अनुमोदन मिलने की जानकारी तुरन्त हो जाती है।

पेपरलेस होने से समय की बचत

मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के मुताबिक इस प्रणाली से रेल स्क्रैप के अप्रूवल में लगने वाले समय में कमी आयी है क्योंकि पहले इस प्रक्रिया में मंडलों एवं मुख्यालय के बीच पत्राचार में बहुत समय लगता था। कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में यह प्रणाली बहुत ही लाभप्रद है क्योंकि इसमें पेपर का आदान-प्रदान नहीं होता है। यह पेपरलेस कार्य प्रणाली अपनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि स्क्रैप के लॉट फॉर्मेशन से लेकर डिलेवरी तक की सारी प्रक्रिया आॅनलाइन होती है। पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा स्क्रैप डिस्पोजल के उच्च स्तर को प्राप्त करने में भंडार विभाग एवं अन्य विभागों के समन्वय तथा उच्च स्तर पर प्रतिदिन मॉनिटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

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