मीरजापुर। प्रदेश के नक्सली हिंसा से प्रभावित इलाकों में युवाओं के सामने बेरोजगारी एक बड़ा संकट है। काम न मिलने के चलते युवा भटक कर माओवादियों के बहकाावे में आ जाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए एसपी चंदौली आशीष तिवारी ने नयी पहल की है। उन्होंने नक्सल प्रभावित गांवों के बेरोजगार नवयुवकों को रोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 18 वर्ष से 30 वर्ष तक की उम्र वाले नवयुवकों को बंगलोर की संस्था नज फाउंडेशन से प्रश्क्षिण दिलाने के लिए प्रयास किये। बंगलोर से आयी तीन सदस्यीय टीम के द्वारा प्लंबर संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 35 नवयुवकों का चयन किया जा चुका है।
मुफ्त में मिलेगी ट्रेनिंग, रहना-खाना भी फ्री
कार्यक्रम के तहत 90 दिन की यह स्थानीय रोजगार निशुल्क ट्रेनिंग बेंगलुरु में दी जाएगी और ट्रेनिंग के उपरांत विद्यार्थी को निश्चित रोजगार भी मिलेगा बेंगलुरु में ट्रेनिंग के दौरान भोजन आवास आदि की व्यवस्था पूर्ण तरह से नज फाउंडेशन करेगी तथा प्रशिक्षण के उपरांत प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा । प्रशिक्षण के उपरांत नवयुवकों को बेंगलुरु शहर में प्राइवेट कंपनी में नौकरी दिलावायी जाएगी नौकरी के समय रहने संबंधित आवासीय व्यवस्था कंपनी द्वारा की जाएगी चयन होने पर मीरजापुर से बेंगलुरु जाने का ट्रेन किराया रिजर्वेशन नज फाउंडेशन संस्था द्वारा वहन किया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त सभी नवयुवकों को शत प्रतिशत नौकरी उपलब्ध कराई जाएगी।
इन स्थानों पर लगेगा सलेक्शन कैंप
इस संबंध में इच्छुक नवयुवकों का चयन थाना लालगंज बुधवार को सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक और थाना हलिया में दोपहर दो से शाम 4 बजे तक किया जाएगा। चयनित होने के उपरांत तत्काल दिनांक तीन नवंबर से नज फाउंडेशन संस्था द्वारा इन लोगों अपने व्यय पर बंगलोर ले जाया जाएगा। एसपी ने स्थानीय नवयुवकों से अपेक्षा है कि इस स्वर्णिम अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

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