वाराणसी। समाज में व्याप्त जातिवाद,पितृसत्ता,सांप्रदायिक फासीवादी नव उदारवाद के खिलाफ न्याय, समता, बंधुत्व व बहुलतावाद के लिए संत कबीर की मूलगादी में आयोजित नव दलित सम्मेलन का आयोजन एक नयी पहल है। मानवाधिकार जननिगरानी समिति क संग दूसरे सामाजिक संस्थानों यूनाईटेड अगेंस्ट हेट, सात्विक, मीडिया विजिल ट्रस्ट, अशोक मिशन एजुकेशनल सोसाईटी, गाँव के लोग, आशा, सावित्री बा फूले महिला पंचायत, मुंशी प्रेमचन्द युवा पंचायत, संग्राम, जीवन ज्योति सोसाइटी, आल इण्डिया सेक्युलर फोरम के संयुक्त तत्वाधान में यह आयोजन हुआ। इसमें जिग्नेश मेवानी (विधायक, गुजरात विधानसभा), लालजी देसाई (राष्ट्रीय अध्यक्ष कांग्रेस सेवादल और वरिष्ठ समाजसेवी), उर्मिलेश (वरिष्ठ पत्रकार, टेलीविजन एंकर, लेखक और पूर्व कार्यकारी निदेशक राज्यसभा टीवी), प्रो. रतनलाल (हिन्दू कालेज दिल्ली), डा पंकज श्रीवास्तव (वरिष्ठ पत्रकार और संस्थापक मीडिया विजिल), सुश्री अपर्णा (गाँव के लोग), नदीम खान (यूनाइटेड अगेंस्ट हेट) और श्रुति नागवंशी (संयोजक सावित्री बा फूले) ने अपने अपने विचार रखे।

समतामूलक समाज की स्थापना पर जोर

इसके बाद कार्यक्रम की रूपरेखा व प्रस्तावना रखते हुए मानवाधिकार जननिगरानी समिति के सीईओ डा. लेनिन रघुवंशी ने इस सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य को बताते हुए कहा कि सभी जाति और धर्मो के टूटे हुए लोगों की एकता बनाकर उन्हें एकजुट करने के साथ ही जातिवादी साम्प्रदायिक फासीवादी, धर्म की राजनीति, पितृसत्तात्मक, नवउदारवाद के खिलाफ बंधुत्व व बहुलतावाद व समता के लिए न्याय स्थापित करने के लिए यह एक प्रयास है। जिससे कि समाज में चली आ रही विषमताओ को समाप्त कर एक समतामूलक समाज की स्थापना की जा सके। इससे पहले पीवीसीएचआर के अध्यक्ष व यूपी हिस्ट्री कांग्रेस से सबद्ध डा. महेंद्र प्रताप ने स्वागत भाषण देते हुए सभी अतिथियों व अन्य उपस्थित सम्मानित व्यक्तियों का इस सम्मलेन में स्वागत किया।

सम्मान समारोह के संग विमोचन

मानवाधिकार के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने के लिए सुश्री जागृति राही वाराणसी से, उदय कुमार बिहार से और प्रदीप गर्ग उत्तराखण्ड से को जनमित्र सम्मान से सम्मानित किया गया। इसमें उदय जी की माता जी की तबियत अचानक खराब हो जाने के कारण वो उपस्थित नहीं हो सके। इसके बाद मुख्य अतिथियों के द्वारा सामजिक वैज्ञानिक अमित सिंह द्वारा लिखी किताब और वरिष्ठ साहित्यकार व चिन्तक मूलचंद सोनकर द्वारा लिखित किताब कांशी राम जी प्रथम जापान यात्रा का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम का सञ्चालन सुप्रसिद्ध रंगकर्मी, साहित्यकार और कवि व्योमेश शुक्ला ने किया और अंत में मानवाधिकार जननिगरानी समिति के गवर्निंग बोर्ड सदस्य सचिव डा0 मोहम्मद आरिफ ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। सम्मलेन में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलो सहित बिहार, झारखण्ड, उत्तराखण्ड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों से करीब हजारो की संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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