वाराणसी। युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) महंथ लाल की अदालत ने आरोपी पिंटू सेठ, राजेश सोनकर व पुद्दन मौर्या को आरोप सिद्ध न होने पर संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत में बचाव पक्ष के अधिवक्ता नीरज कुमार राय व जसवंत पाण्डेय ने दलील दिया कि अभियोजन के गवाह के रूप उपस्थित चिकित्सक ने बयान दिया है कि मृतक को जो गोली लगी थी वह रिवाल्वर की है, जबकि आरोपियों के पास से कट्टा व कारतूस की बरामदगी दिखाई गयी है। इससे समूचा घटनाक्रम संदिग्ध प्रतीत होता है क्योंकि अभियोजन पक्ष ने कट्टे से ही गोली मारने व बरामदगी की बात कही। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

नामजद रिपोर्ट हुई थी दर्ज

अभियोजन के अनुसार जैतपुरा के ढेलवारिया निवासी लल्लू सोनकर ने 19 जुलाई को जैतपुरा थाने में तहरीर दिया था। आरोप था कि उसका भतीजा राजेश सोनकर अपने साथी अमीर चंद्र के साथ बाइक से पहड़िया मंडी जा रहा था। वह अभी घर से कुछ ही दूर पहुंचा था, तभी पिंटू सेठ ने अपने साथियों के साथ मिलकर मेरे भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या जैसे मामले की विवेचना में लापरवाही दिखायी जिसका नतीजा रहा कि नामजद आरोपित बेदाग बरी हुए।

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