लखनऊ। झांसी जेल में निरुद्ध माफिया डान प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी के लेफ्टीनेंट कहे जाने वाले ठेकेदार मोहम्मद तारिख को गोमतीनगर थाना क्षेत्र में बेखौफ बदमाशों ने गोली बरसा कर मौत के घाट उतार दिया। मूल रूप से विशेश्वरगंज (कोतवाली) निवासी अपनी फार्च्यूनर कार से अकेले जा रहे थे और तीन बाइक पर सवार बदमाशों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसायी। सरेआम वारदात को अंजाम देने बाद हत्यारे बड़े आराम से मौके से फरार हो गए। एक साल के भीतर मुन्ना बजरंगी को यह दूसरा बड़ा झटका है। इससे पहले बदमाशों ने उनके साले पुष्पजीत सिंह उर्फ पीजे को इसी तरह गोली मार कर मौत की नींद सुला दिया था। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मौके का मुआयना कर शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पीडब्ल्यूडी के अभियंता पर फायरिंग में आया था नाम
एक दशक पहले पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता पर जानलेवा हमले के मामले में तारिक का नाम पहली बार प्रकाश में आया था। ठेके को लेकर हुई वारदात के मामले में पुलिस ने तारिक पर दबाव बढ़ाया तो उसने कोर्ट में समर्पण कर दिया। बाद में इस मामले से उसे बरी कर दिया गया था। पिछले साल एक ठेके को लेकर सपा सरकार के मंत्री पारस यादव से ठन गयी थी। मामला थाने के रोजनामचे तक पहुंचा लेकिन बाद में ठंडा पड़ गया। रेलवे से लेकर दूसरे सरकारी विभागों में तारिक का काम चलता था।
पहले से बदमाश कर रहे थे पीछा
पुलिस के मुताबिक मोहम्मद तारिख जब खुद ड्राइव करते हुए गौरी पुल से गुजर रहे थे तभी तीन बाइक पर सवार बदमाशों ने दोनों तरफ से घेरा। उन्हें लक्ष्य कर दोनों तरफ से गोलियां बरसायी गयी। कार पर एक दर्जन से अधिक फायर के निशान मौजूद है। दो गोली सटा कर मारी गयी जो जानलेवा साबित हुई। पुलिस ने उन्हें इलाज के लिए लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया जहां डॉक्टरों मृत घोषित कर दिया। एसपी उत्तरी अनुराग वत्स के अनुसार आसपास के जगहों से लोगों की पूछताछ की जा रही है साथ ही आसपास लगे कैमरों की मदद से हत्यारों की तलाश का प्रयास किया जा रहा है।
साले की हत्या से जुड़ सकते हैं तार
जिस तरह बजरंगी के साले पीजे किसी से मिलने की खातिर जाते समय गोलियों का निसाना बने थे उसी तरह तारिक अपने किसी परिचित को छोड़कर लौट रहे थे। आशंका जतायी जा रही है कि बदमाशों को इसकी जानकारी थी और पहले से पीछा कर रहे थे। सुनसान स्थान देखते ही उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। दबी जुबान से कहा जा रहा है कि पीजे की हत्या में शामिल लोग इस वारदात को अंजान दे सकते हैं। इसी कारण से पूर्वांचल में एक बार फिर से गैंगवार तेज होने के आसार जताये जा रहे हैं।

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