मऊ। पिछले कई दशकों से अवैध असलहों के निर्माण की खातिर मुंगेर (बिहार) बदनाम रहा। वक्त के साथ तरीका बदल रहा है। क्षेत्राधिकारी नगर राजकुमार के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस बलिया मोड़ पर चेकिंग अभियान के दौरान दो लोगों को अवैध असलहों और सौ से अधिक कारतूसों के संग दबोचा। एक ने खुद को रिटायर्ड आर्मीमैन बता कर दबाव बनाने का प्रयास किया लेकिन कड़ाई से पूछताछ दोनों टूट गये। सीओ ने 315 बोर की रायफल व 45 कारतूस तथा 12 वोर की बंदूक व 60 कारतूस के संग पकड़े गये लोगों को मीडिया के सामने पेश करते हए बताया यह गैंग कश्मीर व अन्य जगहों से असलहे व कारतूस प्राप्त कर उत्तर-प्रदेश, बिहार व अन्य राज्यो में अपराधियों, नक्सलियों व उग्रवादियों को असलहे व कारतूस उपलब्ध कराते थे।

फायरिंग की सूचना पर हो रही थी चेकिंग

पुलिस को यह सफलता उस समय हासिल हुई जब घोसी में फायरिंग की सूचना पर चेकिंग की जा रही थी। दो व्यक्ति अवैध असलहों के साथ कोपागंज की तरफ से मऊ आ रहे थे। तभी पुलिस की नजर उन दोनों व्यक्तियों पर पड़ गयी और उन दोनों रोक कर असलहों के बारे में पूछताछ करने लगे तथा लाइसेंस मांगने पर नहीं दिखा सके। दोनों ने इन शस्त्रों को जम्मू कश्मीर से खरीदना बताया। पूछताछ में दोनों ने अपना नाम फुलेश्वर राम निवासी हाजीपुर बरेसर (गाजीपुर) तथा राजू ठठेरा निवासी कैसरगंज (बहराइच) बताया। सीओ ने बताया कि इस सम्बन्ध में गहन जांच कर अवैध रैकेट से सम्बंधित अन्य सदस्यों की धड़पकड़ की प्रयास के लिए एसपी द्वारा स्वाट टीम व जनपदीय पुलिस की टीम गठित की गयी है। एसपी ने गिरफ्तारी व बरामदगी करने वाली पुलिस टीम को 5 हजार रुपए नगद पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गयी है। दोनों पर आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज हुआ है लेकिन विवेचना में मिले तथ्यों में बढ़ोत्तरी भी हो सकती है।

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