वाराणसी। अपहरण के बाद दुष्कर्म के मामले आरोपित गुड्डू कुमार शर्मा उर्फ राहुल को मुंबई पुलिस ने चार साल पहले छापेमारी में गिरफ्तार किया था। हिरासत में आने के बाद गुड्डू ने उन्हें जमकर शराब पिलाई और नशे में धुत होने के बाद फरार हो गया। मामला तूल पकड़ने के बाद मुंबई पुलिस की खासी किरकिरी हुई और टीम में शामिल पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। घर की कुर्की करने के साथ गुड्डू पर इनाम रखा गया लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। शनिवार की रात इंस्पेक्टर सिगरा सतीश कुमार सिंह ने मुखबिर से मिली सूचना पर छापेमारी कर गुड्डू को धर-दबोचा। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने रविवार को मीडिया के सामने गुड्डू को पेश करते हुए बताया कि तलाशी में उसके पास से तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं। मुंबई पुलिस को सूचना देने के साथ गुड्डू को जेल भेज दिया गया।

इलाहाबाद से आ गये थे बनारस

मूल रूप से राजेपुर (इलाहाबाद) निवासी गुड्डू ने बताया कि 2014 में उसके खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। मुबंई से आयी टीम ने उसे इलाहाबाद में गिरफ्तार कर लिया। पुलिसवालों को शराब पिलाने के बाद उसने मुंबई जाने के बदले वहां से आने वाली ट्रेन में बैठा लिया। ट्रेन के वाराणसी आने तक पुलिसवाले नश्े में धुत हो चुके थे और वह आराम से फरार हो गया। इसके बाद उसने काशी में ठिकाना बना लिया था। इंस्पेक्टर सिगरा ने एसआई मिथिलेश कुमार तिवारी, अरुण सिंह व संग्राम सिंह यादव के साथ छापामारी कर गुड्डू को धर दबोचा तो पूरी कहानी सामने आयी।

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