मुख्तार का करीबी बताये जाने वाला आतंक का पर्याय हरिकेश मुठभेड़ में ढेर, कई थानों के फोर्स की घेराबंदी से बच निकला साथी

मऊ। देवरा अंचल के धर्मपुरविशुनपुर गांव (मधुवन) निवासी सोमवार की दोपहर गोलियों की तड़तड़ाहट सुन कर सहम गये। कई थानों की फोर्स थी और उनके निशाने पर बाइक सवार बदमाश थे जो जवाबी फायरिंग कर रहे थे। कुछ देर बाद गोलियां चलनी बंद हुई तो एक बदमाश मृत दशा में पाया गया। मशक्कत के बाद शिनाख्त हरकेश यादव निवासी रानीपुर के रूप में हो सकी। हरिकेश के खिलाफ हत्या, लूट और रंगदारी मांगने सरीखे संगीन धाराओं के तहत कई मामले दर्ज हैं। लंबे समय से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी लेकिन वारदात को अंजाम देने के बाद वह बाहर शरण ले लेता था। मुठभेड़ के दौरान उसका साथी मौके से भागने में सफल रहा।

बुलेटप्रूफ जैकेट से बची जान

दोपहर लगभग डेढ़ बजे बख्तावर पुलिया (कोपागंज) के पास पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ होने की सूचना वायरलेस से प्रसारित हुई। इस पर आसपास के कई थानों की फोर्स बदमाशों का पीछा करने में जुट गयी। धर्मपुरविशुनपुर गांव के पास मुठभेड़ में बदमाशों की तरफ से की जा रही फायरिंग में दो पुलिसकर्मियों को भी गोली लगी लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट के चलते उनकी जान बच गयी। बाद में स्पष्ट हुआ कि उन्हें मामूली चोटें आयी हैं। मुठभेड़ के दौरान हरिकेश को गोली लगने के बाद उसका साथी भागने में सफल रहा। पुलिस घेराबंदी कर फरार हुए बदमाश की तलाश में देर शाम तक जुटी थी लेकिन सफल नहीं हो सकी।

एक लाख का था इनाम

मुठभेड़ के बाद मौके पर पहुंचे डीआईजी आजमगढ़ मनोज तिवारी और एसपी अनुराग आर्या का कहना था पूर्वांचल के दुर्दातं बदमाश हरिकेश यादव उर्फ मास्टर पर एक लाख का इनाम घोषित था। अपने साथी के साथ बैंक लूटने के लिए जाते समय सटीक सूचना पर पुलिस ने घेर लिया था। डीआईजी का यह भी करना था कि मुख्तार अंसारी गैंग के लिए हरिकेश काम करता था। हत्या लूट डकैती व भाड़े पर हत्या समेत 34 संगीन अपराधों में संलिप्तता रही है।

Related posts