मुख्तार गंैग पर कसने लगा शिकंजा तो खुद को ‘रिश्तेदार’ बताने वाला मकसूद ‘लापता’, गुरुचरण समेत चार गिरफ्तार

वाराणसी। हफ्तों-महीनों और साल नहीं बल्कि दशकों से चौकाघाट मछली मंड़ी पर मकसूद का ‘सिक्का’ कायम था। वजह, खुद को बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी का रिश्तेदार बताने वाले इस शख्स ने अपने गुर्गों से लेकर पुलिस तक की मदद से विरोधियों को दुकान लगाने के काबिल भी नहीं रखा था। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बावजूद मकसूद को रोकने-टोंकने की हिम्मत किसी में नहीं थी। दशा यह थी कि कोरोना काल में दबरन दुकान लगाने को लेकर भी दबंगई दिखाई थी। शिकायतें शासन के संज्ञान में आयी तो शिकंजा कसना शुरू हो गया। बाहुबली के गुर्गों के खिलाफ कार्रवाई के क्रम में पुलिस व जिला प्रशासन (खाद्य सुरक्षा विभाग व मत्स्य विभाग) ने माफिया सरगना मुख्तार अंसारी के करीबी व सहयोगी प्रतिबन्धित मछली माफिया के सदस्य रामबालक साहनी, गुरुचरण सिंह, संतोष यादव व वीकोतर उर्फ वीरु को किया गया गिरफ्तार, कब्जे 20 कुन्टल प्रतिबन्धित मछलियां बरामद की वहीं मकसूद फरार होने में सफल रहा। माना जा रहा है कि ‘विभागीय स्तर’ से सूचना मिलने के बाद मकसूद फरार हुआ है।

जारी है छापेमारी का सिलसिला

गौरतलब है कि पुलिस को पूर्व से ही सूचना मिल रही थी कि माफिया सरगना मुख्तार अंसारी के सहयोगी व गुर्गे अवैध रुप से प्रतिबन्धित मछली व अण्डे की बिक्री धड़ल्ले से कर रहे है तथा शहर के मछली मण्डियो से धमकी देकर अवैध वसूली की जा रही है। इस सूचना पर विश्वास करके पुलिस व प्रशासन द्वार टीमें बनाकर जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी की गयी जिसके क्रम में रमना (लंका) में प्रतिबन्धित मांगुर 15 कुन्टल अनुमानित कीमत तीन लाख रुपए बरामदगी के साथ अभियुक्त रामबालक साहनी, गुरुचरण सिंह, संतोष यादव गिरफ्तार तथा उन्दी (शिवपुर) में 5 कुन्टल प्रतिबन्धित मछलियां अनुमानित कीमत एक लाख रुपए के साथ अभियुक्त वीकोतर उर्फ वीरु गिरफ्तार व एक अभियुक्त मकसूद आलम जो मौके से फरार हो गया के विरूद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।

गुर्गों को देते रहे हैं धन

पुलिस का दावा है कि रामबालक साहनी, गुरुचरण सिंह, संतोष यादव व वीकोतर उर्फ वीरू मुख्तार अंसारी गैंग के आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से सहयोगी रहे है। प्रतिबंधित मांगुर प्रजाति की मछलियों की सप्लाई भी बनारस सहित आस-पास के जिलों में अपने अन्य सहयोगियों के माध्यम से करते है। यह भी गोपनीय रूप से संज्ञान में आया है कि मछली बाजार-ठेका पर अपनी धौंस दिखाकर मछली के व्यापार पर एकाधिकार कब्जा रखना चाहते है। पूछताछ तथा गोपनीय जानकारी से यह प्रकाश में आया है कि यह व्यापार के माध्यम से माफिया मुख्तार अंसारी के गुर्गों को आर्थिक मदद व धन भी मुहैया कराते है।

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