प्रेरक पहल: इस तरह साथ देने के लिए आगे आयें ‘सक्षम’ तो निकल आये समस्या का हल, एक लाख दान करने वाले ने किया आह्वान

वाराणसी। देश की सांस्कृतिक राजधानी कही जाने वाली धार्मिक नगरी काशी पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है। पुरातन नगरी अरसे से व्यापार का केन्द्र रही है। पूर्वांचल के अधिकांश जनपदों से कारोबार यहां होता आया है। शहर में एलीट क्लास से जुड़े हजारों लोग ऐसे हैं जिनके क्लब की सदस्यता का शुल्क लाखों रुपये तक है। यहां धनाढ्यों की कमी नहीं है लेकिन समूचा विश्व इन दिनों जिस महामारी कोरोना का सामना कर रहा है उसकी रोकथाम में प्रशासन की मदद की खातिर ऐसे लोगों को आना चाहिये। ऐसे में एसएसबी ग्रुप के चेयरमैन राम गोपाल सिंह ने न सिर्फ एक लाख रुपये का अन्नदान किया है बल्कि दूसरों को इसके लिए आगे आने का आह्वान किया।

अपने कर्मचारियों का रखा पूरा ध्यान

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास और मुख्यमंत्री आवास प्रोजेक्ट में सवा दो सौ से अधिक प्रवासी श्रमिक काम कर रहे हैं। देश में लॉकडाउन के चलते सीमेंट,बालू-गिट्टी की सप्लाई थम सी गयी है। वापसी संंभव नहीं है क्योंकि सार्वजनिक परिवहन के सभी साधन बंद है। कंपनी ने इन श्रमिकों के भोजन से लेकर स्वास्थ्य-सुरक्षा का इंतजाम रखते हुए पूरे स्टाफ के वेतन का बिना कटौती के भुगतान कर रही है। पीएम के घर में रहने की अपील को ध्यान में रखते हुए चेयरमैन के अलावा निदेशक जितेन्द्र सिंह ने एसडीएम पिण्डरा को एक लाख रुपये का अन्नदान देते हुए अनुरोध किया कि जिन इलाकों को लेकर दुष्प्रचार किया जा रहा है उस इलाके में रहने वाले गरीबों को इस खाद्यान्न समेत दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराये।

कोरोना की रोकथाम की तरह बने ‘चेन’

रामगोपाल का कहना है कि रियल स्टेट क्षेत्र में पहले से मंदी चल रही थी और कंंपनी पिछले छह माह से आर्थिक तंगी से जूझ रही है। बावजूद इसके पीएम मोदी के आह्वान पर उन्होंने एक लाख के अन्नदान सरीखा छोटा सा प्रयास किया है। भविष्य में यथा शक्ति इसके लिए पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने शहर के बड़े कारोबारियों, उद्यमियों और व्यापारियों से अनुरोध किया है कि यदि वह अपने उपर होने वाले दो माह के खर्च को दान कर दें तो शासन-प्रशासन को गरीबों की मदद के लिए किसी तरह की समस्या नहीं होगी।

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