चंदौली। मीडियाकर्मी को धमकाने का मामला तूल पकड़ने के बाद बैकफुट पर आयी मुगलसराय की विधायक साधना सिंह ने समूचे प्रकरण में जहां खुद को पाक-साफ साबित करने की कोशिश की वहीं इसके लिए पूर्व सांसद रामकिशुन को जिम्मेदार ठहराया। दीनदयाल नगर विधानसभा के जनसहयोग केंद्र पर शुक्रवार को बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस करके पत्रकार प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगा कि सपा के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव के कहने पर मेरे खिलाफ गलत खबर चलाया गया। उनका दावा था कि एक व्यक्ति ने मेरा किसी कार्यक्रम के दौरान एक सेल्फी लिया था। वह व्यक्ति किसी अपराध में संभवत: संलिप्त बताया जा रहा है । इस फोटो को किसी ने सोशल मीडिया पर ‘विधायक का अपराधी को सरंक्षण नामक शीर्षक’ से वायरल कर दिया। मुझको जब यह बात पता चली तो मेरे होश उड़ गए क्योंकि उस व्यक्ति से मेरा कोई संबंध ही नही है ।

न थी सेल्फी न ही होर्डिंग पर गलत हो सकता साथ

विधायक का अपनी सफाई में दावा था कि सेल्फी ली गयी लेकिन फोटोग्राफ से ऐसा प्रतीत नहीं होता। अलबत्ता क्षेत्र में एक नहीं कई बार लगे होर्डिग के बाबत बताने के लिए उनके पास कुछ नहीं था। सफाई के साथ उन्होंने यह भी कह डाला कि ‘मैंने इस फर्जी खबर के पीछे जिम्मेदार व्यक्ति के बारे में जब पता लगाया गया तो पता चला कि वो व्यक्ति फर्जी पत्रकार है और ऐसे अफवाह उड़ाता है’। उसका नंबर मिला और मैंने उसे खरी खोटी सुना दिया। उन्हें लगा कि कुछ अधिक बोल गयी को दोबारा सफाई दी कि जब मुझे पता चला कि मैंने अनजाने में जिसे फर्जी पत्रकार समझा था वो दरअसल आॅनलाइन रिपोर्टिंग करते है। मैंने उस पत्रकार बंधु से माफी मांगली है और कहा कि भविष्य में कोई भी घटना में मेरा नाम केवल कयासों के आधार पर न बदनाम किया जाए, तथ्य को साथ रखें ।

पूर्व सांसद को बताया ‘दगा कारतूस’

विधायक साधना सिंह की माने तो रामकिशुन _यादव इस समय एक फूंके हुए कारतूस हो चुके हैं जिनका अब चन्दौली के राजनीत में कोई अस्तित्व नही बचा है। इसी कारण है कि वह भाजपा के सांसद और विधायकों के खिलाफ जानबूझकर गलत बात जनता में फैलाते हैं। उन्होंने दावा किया कि यह फर्जी खबर पूर्व सपा सांसद रामकिशुन _यादव ने उनकी छवि को धूमिल करने के लिए जान बूझकर वायरल करवायी।

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