मीरजापुर। बुधवार की शाम से हो रही तेज बारिश से कई इलाकों में जलप्लावन जैसी स्थिति बन गई है। भारी बारिश के चलते पहाड़ी नदियां उफान पर हैं। इस दौरान लेहड़िया (विंध्याचल) में एक दर्जन से अधिक घर बाढ़ के पानी के प्रवाह में बह गये। गांव के केशमन मौर्या का परिवार भी इसकी चपेट में आ गया। पत्नी श्यामकुमारी (45) के अलावा चार बच्चे बह गये हैं। मशक्कत के बाद श्यामकुमारी व एक बच्चे का शव मिला है जबकि शेष की तलाश चल रही है। मानसून की शुरुआत में पुलिस-प्रशासन बाढ़ की स्थिति के लिए तैयार नहीं था जिससे राहत और बचाव कार्य घंटों बाद शुरू हो सका। बांध टूट गये हैं और कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ है। पानी के बढ़ाव से दर्जनों गांव प्रभावित हुए हैं जहां के रहने वालों ने दूसरे स्थानों पर शरण ली है।

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शिवसागर बांध के साथ कई बंधे व पुलिया बह गए

बुधवार की देर रात से गुरुवार की सुबह तक पड़रिया का शिवसागर बांध व मलुआ का चेकडैम और बंधी टूटने से दो हजार बीघा धान की फसल प्रभावित हो गई है। मशहूर शिवसागर बांध 30 फीट की चौड़ाई में टूटा है तो मलुआ का चेक डैम भी बह गया। प्रचंड सूखे की स्थिति में यह बांध सिंचाई का प्रमुख माध्यम था। मड़िहान तहसील क्षेत्र में तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश से बहरछठ टोला में बांध की पुलिया टूटी तो क्षेत्र के रैकल, बहरछठ, पिपरहां समेत कई मानव बस्तियां बुधवार की आधी रात से तीव्र जलप्रवाह की चपेट में है। प्रभावित इलाकों में कुछ छतों पर तो कई घरों से बाहर शरण लिए हैं। लगातार बारिश और बाढ़ की चपेट में आने से दो मकान भी गिर गए हैं। कई प्रमुख इलाकों में तकरीबन पांच फीट ऊपर तक तीव्र जलप्रवाह की स्थिति है। इसके अलावा अकोढ़ी पुल टूट गया है जिससे बिरोही सहित कई गांवों से सम्पर्क टूट गया है। अकोढ़ी-बबुरा सम्पर्क मार्ग पर कर्णावती नदी पर बना पुल तेज बहाव में टूटा। पानी बढ़ने से अकोढ़ी, बबुरा, तिलई, उचडीह, थानीपट्टी , सुपन्था, परवा, जोपा, निफरा नदिनी, बभनी, भैदपुर, नौगांव, कुकुरौठी, नीबी आदि गांव प्रभावित हैं।

पुलिस ने जारी की चेतावनी, सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा

एसपी मीरजापुर आशीष तिवारी के मुताबिक 24 घंटे के भीतर 90 मिमी से अधिक बारिश हुई जिससे बाढ़ जैसे हालात हो गये। मड़िहान, लालगंज, जिगना जैसे कई इलाकों में बरसात में भी इतना पानी नहीं बरसता। वहां के लोग ऐसी स्थिति के लिए तैयार नहीं थे। हालात का जायजा लेने मौके पर डीएम पहुंचे। जल निकासी के लिए जिला प्रशासन जेसीबी से अवरोध हटाने के प्रसास में लगा हुआ है। दरअसल बाणसागर नहर का पोल छोटा होने से जल निकासी नहीं हो पा रही है। इस वजह से चारों तरफ से गांव घिरा हुआ है। अगले 48 घंटे मूसलाधार बारिश के आसार हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस ने प्रभावित इलाकों के रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है।

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