युवक की बेरहमी से पिटाई के मामले मे एसएसपी से मिले

वाराणसी. रोहनिया थाना के कचनार निवासी सन्नी पटेल नामक युवक के पुलिस को रिश्वत न देने पर राजातालाब पुलिस चौकी में बेरहमी से की गई पिटाई के मामले में त्वरित कार्रवाई न होने से खिन्न ग्रामीणों ने कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। बता दें कि यह घटना 4 जुलाई की रात की है पुलिस यातना से घायल पीड़ित की फोटो वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था और अगले ही दिन मीडिया ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उसके बाद एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने उप निरीक्षक दिलेश कुमार सरोज और सिपाही राम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया था। लेकिन ग्रामीण इतने भर से संतुष्ट नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल दो पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर कर, शेष पांच पुलिसकर्मी और चौकी इंचार्ज त्रिवेणी सिंह को बचाया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दिया है कि अगर जल्द संबंधित दोषी पुलिसकर्मी व चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो हम आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। अऔर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे। पूरे मामले को सीएम योगी, डीजीपी, एडीजी, आईजी, एसएसपी, डीएम, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग को भी मेल ट्वीट करके अवगत कराकर दोषियों को दंडित करने की मांग की गई है।
बता दें कि 4 जुलाई की रात रोहनिया थाने के राजातालाब पुलिस चौकी में पुलिस कर्मियों ने कचनार निवासी सन्नी पटेल की बेरहमी से पिटाई की थी। इस घटना से न केवल पीड़ित परिवार बल्कि पूरे गांव में आक्रोश था। पीड़ित सन्नी पटेल और उसके परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों ने आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। शुक्रवार को प्रतिनिधि मंडल ने कचहरी में एसएसपी से मुलाकात करना चाहा लेकिन पीएम मोदी के आने के कार्यक्रम के वजह से वह व्यस्त थे उनकी अनुपस्थिति में उनके कार्यालय मे ज्ञापन सौंपा था। लेकिन आज तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से क्षुब्ध होकर एसएसपी आनंद कुलकर्णी से सोमवार को पुनः लोगों ने मुलाकात किया।
इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने सन्नी पटेल की राजातालाब पुलिस चौकी में की गई प्रताड़ना जिसके चलते युवक के गंभीर रूप से घायल होने पर अपनी नाराजगी जताई और ज्ञापन सौंप कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि पीड़ित और उसका परिवार शांतिप्रिय और समाज की सेवा भी करता है। लेकिन पुलिस अपने स्वार्थ के लिए शांतिप्रिय और समाजसेवी युवक का उत्पीड़न कर रही है। सन्नी पटेल को झूठे आरोप में जबरिया रात को घर से उठाकर मारते पीटते हुए पुलिस चौकी लाया गया और उसका शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न भी किया गया जिसके कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। उन्होंने राजातालाब पुलिस चौकी प्रभारी पर सन्नी से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया है।
एसएसपी से प्रतिनिधि मंडल ने मांग की है कि सन्नी पटेल पर बर्बरता पूर्वक कार्रवाई करने वाले में जो पुलिसकर्मी दोषी है उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही रोहनियां की राजातालाब पुलिस चौकी की पुलिस ने राजातालाब व्यापार मंडल का स्वयंभू अध्यक्ष क्षेत्र का माना जाना हिस्ट्रीशीटर दिलीप स्वर्णकार उर्फ बुधनी जिसके दबाब में सन्नी पटेल को उठाया उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई हो। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने सीओ सदर को निर्देशित करते हुए प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया था कि इस मामले में निष्पक्ष जांच चल रही है और जो दोषी है उनके खिलफ़ कार्रवाई हो कर रहेगी।

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