चंदौली। प्रदेश की नक्सली हिंसा से प्रभावित जनपद चंदौली में पिछले एक दशक से अधिक समय से कोई बड़ी वारदात नहीं हुए है लेकिन माओवादियों की आवाजाही जारी है। एटीएस के साथ संयुक्त आपरेशन में गुरुवार को प्रतिबंधित संगठन एमसीसी का सेक्शन कमांडर कुख्यात नक्सली कृष्ण मुरारी उर्फ महादेव को मझवार रेलवे स्टेशन से धर-दबोचा गया। गिरफ्तार नक्सली के पास से चंदौली से गया जाने का रेल टिकट और .32 बोर की पिस्टल व 3 जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। एसपी संतोष सिंह ने शुक्रवार को गिररफ्तार नक्सली को मीडिया के सामने पेश करते हुए बताया कि पहले भी कई संगीन वारदात में महादेव अहम भूमिका निभा चुका है।

बिहार पुलिस ने ली राहत की सांस

मूल रूप से मड़िहान (मीरजापुर) के गोरधरा गांव का निवासी कृष्ण मुरारी पिछले दो वर्षों से एमसीसी से जुड़ा है। प्रतिबंधित संगठन में उसे महादेव नाम के संग एके 47 व एके 56 सहित एलएमजी चलाने व लैंड माइंस बिछाने का प्रशिक्षण दिया गया था। पूछताछ में नक्सली ने कबूल किया कि अपने दस्ते के सदस्यों के साथ मिलकर बिहार के गया में सोलर प्लांट और झारखंड के पलामू में क्रेशर प्लांट में आग लगाने की घटना को दिया गया था। संगठन में उसका दर्जा सेक्शन कमांडर का था जिसके अधीन 12 हथियारबंद सदस्य रहते हैं। गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर बिहार पुलिस ने राहत की सांस ली है। जल्द ही अपने यहां दर्ज मामलों में ट्रांजिट रिमांड पर नक्सली को बिहार पु्लिस ले जायेगी। गिरफ्तारी और बरामदगी में कोतवाल अश्वनी चतुर्वेदी, एटीएस के एसआई धीरेन्द्र ठाकुर के अलावा टीम शामिल थी।

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