चंदौली। मुगलसराय रेलवे मालगोदाम में सवा महीना पहले निजी कंपनी टुआमैन के मैनेजर सपन डे की हत्या महज बानगी थी। कुख्यात राकेश सिंह डब्बू और उसके गिरोह से जुड़े बदमाशों ने संगठित रूप से आतंंक कायम रखने की खातिर कई और को भी निशाने पर रखा था। मामले का खुलासा करने के बाद गिरोह से जुुड़े दूसरे सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। एसपी संतोष कुमार सिंह ने मुगलसराय इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा तथा क्राइम ब्रांच प्रभारी टीबी सिंह के अलावा उनकी टीम को 15 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया है। उन्होंने संकेत दिये हैं कि एक चर्चित ‘टीटी’ के अलावा ‘कमांडों’ की गतिविधियां भी जांच की जद में हैं। पुख्ता सबूत मिलने के बाद इनके खिलाफ आईपीसी के संग सख्त निरोधात्मक कार्रवाई की जायेगी जिसमें गैंगस्टर से लेकर रासुका तक शामिल है।

रेलवे और कोयले के कारोबार में चाहते थे एकाधिकार

पुलिस सूत्रों की माने को गिरफ्तार बदमाशों की योजना थी कि रेलवे और कोयले के कारोबार पर एकाधिकार कर लिया जाये। इसके लिए जो रास्ते में आता उसे खत्म किया जाता। कहना न होगा कि इन दोनों क्षेत्रों में लंबे समय से माफिया गिरोहों का दबदबा रहा है। किसी नये को जल्द इंट्री नहीं मिलते और पहले से काबिज माफिया रोकने की खातिर हर संभव प्रयास करता है। राजनैतिक संरक्षण से लेकर पुलिस की मदद लेने के आरोप लगते रहे हैं। रेलवे कर्मचारी भी इसका हिस्सा रहे हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई कोई नयी बात नहीं रही है।

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