वाराणसी। आम बजट में रेलवे की चर्चा भले ही कम हो रही है, लेकिन रेलवे के लिए भी इस बजट में बहुत कुछ है। इसका श्रेय कहीं न कहीं रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा को जाता है। उनकी ही कोशिशों का नतीजा है कि पिछले 4 सालों के मुकाबले इस बार रेल बजट तीन गुना बढ़ गया है। इसके साथ ही रेलवे की सेफ्टी पर खासा ध्यान दिया गया है। पहली बार ऐसा होने जा रहा है की ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे।

हाईटेक होने लगा है रेलवे

बजट में भारतीय रेल को एक आधुनिक, संरक्षित, पर्यावरण मित्रवत, किफायती एवं आरामदायक यातायात का साधन बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस बार का बजट 1,48,528 करोड़ रखा गया है, जो वर्ष 2013-14 के रू0 53,989 करोड़ के विरूद्ध तीन गुना है। संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुये वर्ष के दौरान संरक्षा सम्बन्धी गतिविधियों पर रू0 73,065 करोड़ व्यय किये जायेंगे । 600 स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधायुक्त किया जायेगा । ऐसे सभी स्टेशनों जहाँ यात्रियों का फुटफाॅल 25 हजार से ऊपर है,एस्कैलेटर लगाये जायेंगे। स्टेशनों और गाड़ियों में सूचना एवं मनोरंजन हेतु वाई-फाई सुविधा प्रदान की जायेगी ।

सीसीटीवी से लैस होंगी ट्रेन

सभी स्टेशनों और गाड़ियों में सुरक्षा हेतु सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाये जायेंगे । बजट में कुल राजस्व प्राप्तियों को 7 प्रतिशत अर्थात् रू0 2,01,090 करोड़ रखा गया है। इसी प्रकार कुल राजस्व व्यय को 4 प्रतिशत अधिक रू0 1,88,100 करोड़ रखा गया है। व्यस्त रूटों पर अनारक्षित समपारों को समाप्त करना, अधिक संरक्षायुक्त  एल.एच.बी. यानों के निर्माण के अतिरिक्त इस बार ट्रैक रीनुअल पर अब तक सर्वाधिक आउट-ले रखा गया है। इस वर्ष 3600 रूट किमी. ट्रैक रीनुअल किया जायेगा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 8.3 प्रतिशत अधिक है। इस वर्ष इस हेतु रू0 11,450 करोड आवंटित किया गया है, जो पिछले वर्ष के रू0 9,305 करोड़ के मुकाबले 23 प्रतिशत अधिक है। इस बजट में 01 हजार रूट किमी0 नई लाइनें, 01 हजार रूट किमी. आमान परिवर्तन व 2,100 रूट किमी0 दोहरीकरण स्वीकृत किया गया है।

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